सरकार की बर्खास्तगी के फैसले पर लगाई रोक, पूर्व की भांति कार्य करते रहेंगे कर्मचारी, 4 सप्ताह में सरकार को पेश करना होगा जवाब
Nainital: उच्च न्यायालय नैनीताल ने सचिवालय से बर्खास्त किये गए 102 अधिक कर्मचारियों की बर्खास्तगी आदेश के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए निकाले गए कर्मचारियों को उम्मीद की एक किरण दिखाई है। फिलहाल इस प्रकरण में न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ ने विधानसभा सचिवालय के कर्मचारियों की बर्खास्तगी के आदेश पर अग्रिम सुनवाई तक रोक लगा दी है. साथ ही कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि ये कर्मचारी अपने पदों पर कार्य करते रहेंगे.इस मामले कि अगली सुनवाई 19 दिसंबर नियत की गई है.
विधानसभा एवं सचिवालय में बैक डोर से नियुक्तियां पाने वाले कर्मचारियों के लिए अदालत का यह फैसला एक उम्मीद की किरण लेकर आया है। हालांकि अभी राज्य सरकार को इस विषय में अपना जवाब दाखिल करना है फिर भी उत्तराखंड विधानसभा बैकडोर भर्ती मामले की सुनवाई करते हुए विधान सभा सचिवालय के दिनांक 27, 28 व 29 सितंबर के बर्खास्तगी आदेश पर नैनीताल हाईकोर्ट ने अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी है. साथ ही कोर्ट ने इस मामले में विधान सभा सचिवालय से चार सप्ताह के जवाब पेश करने को कहा है.
महत्वपूर्ण बात यह है कि कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि ये कर्मचारी अपने पदों पर कार्य करते रहेंगे. अगर, सचिवालय चाहे तो रेगुलर नियुक्ति की प्रक्रिया चालू कर सकती है.