
पतंगबाजी में भी पर्यावरण का रखना होगा ध्यान: अमित सहगल
ल्यूसेंट इंटरनेशनल स्कूल में प्लास्टिक डोर मुक्त पतंग प्रतियोगिता करवाई

Dehradun: पतंग उड़ाना खुशी और शुभता का संकेत है। यह हमारे मानसिक और शारीरिक दोनों स्वास्थ्य को सकारात्मक रूप से प्रभावित करती है। इतना ही नहीं, आसमान में उड़ती रंग बिरंगी पतंग आंतरिक शांति देने के अलावा खुद पर नियंत्रण रखना भी सिखाती है।
ल्यूसेंट इंटरनेशनल स्कूल में प्लास्टिक डोर मुक्त पतंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य अमित सहगल ने कहा कि प्लास्टिक की डोर पर पाबंदी लगाई गई है। इस डोर के कारण कई पक्षी जख्मी होते रहते हैं। इस खतरनाक डोर को छोड़ना ही बेहतर है। उन्होंने यह भी कहा कि जब बच्चे पतंग उड़ाते हैं तो माता पिता को विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है। स्कूल के पहली कक्षा से कक्षा नौ तक के विद्यार्थियों में पतंगबाजी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। बच्चों ने भी इन पल का भरपूर आनंद उठाया। आसमान में उड़ती रंग बिरंगी पतंगें बहुत सुंदर प्रतीत हो रही थी।
जिन बच्चों ने हवा में सबसे ज्यादा समय तक पतंगें उड़ाई, इसमें आर्यन धीमान प्रथम, अभिजीत द्वितीय तथा स्वराज तीसरे स्थान पर रहे। इस अवसर पर प्रधानाचार्य जी, प्रधान शिक्षिका जी और सभी शिक्षकगण उपस्थित रहे।