सेना में नौकरी का झांसा देकर दो करोड़ हड़पे, आखिर धरा गया – Bhilangana Express

सेना में नौकरी का झांसा देकर दो करोड़ हड़पे, आखिर धरा गया

एस०एस०पी० एसटीएफ द्वारा अपनाए गए मैनुअली सूचना के मुखबिर तंत्र के जाल में लगातार फंस रहे हैं, भगोड़े इनामी अपराधी

अब सेना में नौकरी दिलवाने के नाम पर नवयुवकों से लाखों करीब 02 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी करने वाला फरार इनामी गैंगस्टर चढ़ा उत्तराखंड एसटीएफ के हत्थे

फरार इनामी गैंगस्टर द्वारा देहरादून में बना लिया था ठिकाना– फिर से नवयुवकों से ठगी करने की बना ली थी योजना

*वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ श्री आयुष अग्रवाल द्वारा* गिरफ्तार किए गए इनामी अपराधी के बारे में जानकारी देते हुये बताया कि *आरोपी पंकज सामंत के विरूद्ध उत्तराखण्ड के नवयुवकों को फौज में भर्ती करवाने के नाम पर 02 करोड़ रूपये से अधिक की ठगी किए जाने के सम्बन्ध में जनपद पिथौरागढ़ में अलग अलग थानों में 04 एवम उधमसिंह नगर में 02 अभियोग पंजीकृत किए गए थे।* जिसमे जनपद पिथौरागढ़ के कोतवाली जौलजीवी, थाना जाजरदेवल, कोतवाली पिथौरागढ़ में एक-एक अभियोग तथा जनपद उधमसिंह नगर के कोतवाली खटीमा में 02 अभियोग वर्ष 2023 में पंजीकृत हुये हैं। इस अभियुक्त के बारे में जानकारी हुई की यह अभियुक्त काफी शातिर किस्म का अपराधी है और अपना गैंग बनाकर नवयुवकों को फौज में नौकरी दिलवाने के नाम पर लाखों रूपये की ठगी कर चुका है* और इसकी गैंग की गतिविधियों को देखते हुए इस गैंग के विरूद्ध कोतवाली जौलजीवी जनपद पिथौरागढ़ में गैंगस्टर एक्ट का अभियोग भी पंजीकृत किया गया है।

यह अभियुक्त वर्ष 2023 से लगातार फरार चल रहा था। जिसकी गिरफ्तारी के लिए पर इस पुलिस अधीक्षक पिथौरागढ़ द्वारा ₹10000 का इनाम घोषित किया गया था।

अभी काफी शातिर किस्म के साथ किसी प्रकार से फोन का उपयोग नहीं करता था तथा मैन्युअल सूचनाओं के आधार पर एसटीएफ टीम द्वारा इसकी गिरफ्तारी हेतु प्रयास किया जा रहे थे। जिसके फलस्वरुप उत्तराखण्ड एसटीएफ टीम द्वारा वांछित ईनामी अभियुक्त को देर रात देहरादून के धोरण खास, थाना राजपुर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है।

गिरफ्तार किए गए इनामी अपराधी से पूछताछ में जानकारी मिली कि यह फरार अभियुक्त द्वारा अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिये काफी समय से धोरण खास राजपुर,देहरादून क्षेत्र में अपना ठिकाना बना लिया था और अपनी पहचान बदलकर रह रहा था। एक अपराधी अपने परिवार जनों से भी किसी भी प्रकार से सम्पर्क नहीं करता था। अपना फोन भी फरार होने के बाद से बन्द किया हुआ था और *इस क्षेत्र में भी सक्रिय होकर नवयुवको को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने की योजना बना कर अंजाम देने के फिराक में था।

*आरोपी का नाम*–
पंकज सामन्त पुत्र त्रिलोक सिंह निवासी प्लाट नं0 24 जीएफ केएच नं0 45/25/2 निगली बिहार एक्सटेंशन बपरौला पश्चिमी दिल्ली

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