“भंडारी चैप्टर” राजनीतिक पार्टियों और दल बदलुओं के लिए एक कड़ा सबक – Bhilangana Express

“भंडारी चैप्टर” राजनीतिक पार्टियों और दल बदलुओं के लिए एक कड़ा सबक

उत्तराखंड से एक बड़ा सबक राजनीति के अवसरवादियों के लिए प्रसारित हुआ है। “जोश में होश खोना” किसे कहते हैं ये बद्रीनाथ उपचुनावों में देखने को मिला, जहां अपनी विधायकी त्याग कर पाला बदलना नेताजी को महंगा पड़ गया। विधायिकी तो गई गई, उल्टा उपचुनाव भी हार गए।

उत्तराखंड में कांग्रेस ने इतिहास रचा 24 सालों में हुए चुनावों में पहली बार विपक्षी दल जीता

DEHRADUN: उत्तराखंड में दो उप चुनाव में कांग्रेस की जीत कई मायने में ऐतिहासिक है। एक तरफ जहां अयोध्या में इंडिया गठबंधन की जीत से पूरे देश में यह संदेश गया कि भाजपा का हर दांव सही बैठने वाला नहीं है तो वहीं अब बद्रीनाथ सीट पर भाजपा की हार से एक बार फिर यह संदेश बद्रीनाथ गया है कि अपनी मर्जी जनता पर नहीं थोप सकते, और जनता ने अब अवसरवादियों को अस्वीकार करना शुरू कर दिया है। मंगलौर सीट पर भी भाजपा द्वारा बाहरी उम्मीदवार स्थानीय जनता की कसौटियों पर खरा नहीं उतरा, ओर कांग्रेस यह सीट भी ले उड़ी।

दोनों विधानसभा उप चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशियों की जीत पर प्रदेश मुख्यालय में जीत का जश्न लंबे समय बाद उत्साह के साथ नजर आया तो वहीं उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि भाजपा ने उत्तराखंड की जनता को अपना गुलाम समझ रखा है और वो समझ रहे हैं कि वो कोई भी ऊल जलूल निर्णय लेंगे और जनता आंख बंद कर उनके निर्णय पर मोहर लगा देगी लेकिन श्री बद्रीनाथ जी व मंगलौर के उप चुनाव के नतीजों ने भाजपा की इस गलत फहमी को चकनाचूर कर दिया। श्री धस्माना ने कहा कि भाजपा ने मंगलौर में दोहरा अपराध किया पहला तो वो हरियाणा निवासी को लेकर आई और उसे प्रत्याशी बनाया और फिर पूरे चुनाव में खुले आम गुंडागर्दी पुलिस प्रशासन के संरक्षण में करवा कर चुनाव लूटने का प्रयास किया जिसे जनता ने सफल नहीं होने दिया।