
राज्य सरकार हर नागरिक को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध- पुष्कर सिंह धामी
DEHRADUN: दीपावली और अन्य त्योहारी पर्वों को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने प्रदेशभर में मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ़ बड़ा अभियान शुरू किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के सख्त निर्देशों पर, स्वास्थ्य सचिव एवं खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार के नेतृत्व में यह कार्रवाई पूरे राज्य में तेज़ी से जारी है। अपर आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ताजबर सिंह जग्गी के नेतृत्व में सभी जनपदों में लगातार निरीक्षण और सैंपलिंग की जा रही है। सरकार का स्पष्ट संदेश है, खाद्य सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।
*देहरादून जिले में रातभर चला औचक निरीक्षण अभियान*
जनपद देहरादून में मिलावटी खाद्य पदार्थों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान का उद्देश्य त्योहारी सीजन में आमजन को शुद्ध, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। आयुक्त के निर्देशों के अनुपालन में बुधवार को प्रातः 4 बजे से ही विशेष जांच अभियान शुरू किया गया, जिसके अंतर्गत सेलाकुई, विकासनगर, ऋषिकेश और मसूरी क्षेत्रों में खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीमों ने औचक निरीक्षण किया।
विकासनगर क्षेत्र में स्कूटी से अस्वच्छ स्थिति में वितरित किए जा रहे लगभग 60 किलो पनीर को मौके पर नष्ट किया गया। वहीं, सेलाकुई में होंडा सिटी वाहन (UP 17 H 1400) से लगभग 120 किलो पनीर को भी अनहाइजेनिक स्थिति में वितरित करते हुए पकड़ा गया। विभागीय टीम ने उसका नमूना लेकर शेष पनीर को शीशमवाड़ा ट्रेंचिंग ग्राउंड में नष्ट कराया।
सहायक आयुक्त खाद्य संरक्षा जनपद देहरादून मनीष सयाना ने बताया कि दीपावली को देखते हुए विकासनगर, सेलाकुई, ऋषिकेश और मसूरी में अभियान चलाकर दूध, पनीर और मिठाई के कुल 15 नमूने जांच हेतु लिए गए हैं।
*हरिद्वार में मिठाई निर्माण इकाइयों पर बड़ी कार्रवाई*
खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन और हरिद्वार पथरी पुलिस की संयुक्त टीम ने बुधवार को पदार्था हरिद्वार मुस्तफाबाद क्षेत्र में छापेमारी कर दो मिठाई निर्माण इकाइयों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि इकाइयों में गंदगी और कीचड़ के बीच मिठाई तैयार की जा रही थी। स्वच्छता मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर मौके पर ही करीब दो कुंतल बतीसा नष्ट कराया गया। वहीं, फूड लाइसेंस न होने पर एक फैक्ट्री को तत्काल प्रभाव से बंद करने के निर्देश दिए गए। टीम ने गुलाब जामुन और सफेद रसगुल्ले के एक-एक तथा बतीसा के तीन नमूने लेकर जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजे।
*जनता को मिल रहा सकारात्मक संदेश*
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि त्योहारी सीजन में विभाग ने सभी जिलों में निगरानी बढ़ा दी है। हमारी टीमें सीमांत क्षेत्रों और मंडियों में तैनात हैं ताकि अन्य राज्यों से आने वाले संदिग्ध खाद्य उत्पादों को सीमाओं पर ही रोका जा सके। अभियान का उद्देश्य केवल कार्रवाई नहीं बल्कि उपभोक्ताओं के प्रति जागरूकता भी है। जनता को भरोसा होना चाहिए कि सरकार उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए पूरी तरह सतर्क है।