हौसला: दसवीं में 35% अंक लाने पर भी टॉपर्स जैसा जश्न – Bhilangana Express

हौसला: दसवीं में 35% अंक लाने पर भी टॉपर्स जैसा जश्न

आज जहां बच्चों के अभिभावक 90% अंक लाकर भी बच्चों के प्रदर्शन से संतुष्ट नहीं है वही मुंबई ठाणे के एक परिवार ने अपने बच्चे के दसवीं कक्षा में मात्र 35% अंक हासिल करने पर जश्न मनाया एवं इसे अपने परिवार के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि बताया है। पिता के अनुसार जिन विषम परिस्थितियों में उनके बेटे ने दसवीं की कक्षा पास की है वह खुद में अद्भुत है क्योंकि घर की परिस्थितियां ऐसी नहीं थी कि वे बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान दे पाते।
जहां कम अंक लाने में बच्चों के माता-पिता उनके पीछे पड़ गए ताने देने से नहीं सकते वहीं महाराष्ट्र ठाणे के विशाल के माता पिता बेहद खुश है। उनका कहना है कि उन्होंने कभी अपने पुत्र विशाल पर पढ़ाई के लिए दबाव नहीं डाला क्योंकि ना तो उनके पास समय था और ना ही इतने पढ़े लिखे थे विशाल का मार्गदर्शन करवाते बावजूद इसके विशाल ने बेहद करीबी के बावजूद अपने दम पर दसवीं की कक्षा 35% अंकों से पास की। हालांकि यह सबसे न्यूनतम आंख है किसी भी परीक्षा को पास करने के लेकिन परिवार बावजूद इसके बेहद खुश है। परिवार के अनुसार किसी परीक्षा को पास करना सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है ना कि उच्चतम अंक प्राप्त करना। परिवार संतुष्ट है कि उनके पुत्र विशाल ने दसवीं की परीक्षा अपने अकेले दम पर उत्तीर्ण करके दिखाई।
विशाल ने जन्म से ही अभाव एवं चुनौतियों के बीच अपना बचपन जिया है। विशाल के पिता ऑटो रिक्शा चालक है और उसकी मां घरों में काम करती है। कठिन परिस्थितियों के बावजूद विशाल ने ना तो कभी गलत संगत की और ना ही आपराधिक प्रवृत्ति की ओर आकर्षित हुआ। आर्थिक तंगी घर पर हावी थी लिहाजा इन परिस्थितियों में पढ़ाई को जारी रखना बेहद चुनौतीपूर्ण था। माता पिता और बहन ने विशाल का हौसला बढ़ाया और विशाल ने 35% न्यूनतम अंकों के साथ ही सही लेकिन उस कार्य को पूरा कर दिखाया जो उसे असंभव सा लग रहा था और विशाल की इस सफलता पर परिवार का खुश होना स्वाभाविक है।
शारदा भविष्य में अपनी पढ़ाई को जारी रखना चाहता है और जरूरत है विशाल जैसे बच्चों को मदद करने वालों के आगे आने की। यहां माता-पिता के उस समर्थन एवं प्रोत्साहन के लिए सराहना करनी होगी जिन्होंने दसवीं कक्षा में मात्र 35% अंक लाने पर अपने पुत्र की हौसला अफजाई की एवं उसकी सफलता को एक जश्न के तौर पर बनाया।