कांग्रेस को समर्थन के बयान पर यूकेडी मे आक्रोश, बड़ा धड़ा समर्थन देने के विरोध में
यूकेडी शीर्ष नेतृत्व के मनमाने फैसलों पर नाराजगी

Dehradun: उत्तराखंड में राजनैतिक जमीन मजबूत बनाने के लिए संघर्ष कर रही यूकेडी में अब शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ विरोध का बिगुल बज गया है। यूकेडी का एक बड़ा धड़ा बिना सलाह मशवरा किए शीर्ष नेतृत्व द्वारा कांग्रेस के समर्थन से बेहद नाराज है। अंदरखाने चर्चा है कि किसी भी समय उत्तराखंड क्रांति दल के शीर्ष नेतृत्व को लेकर पार्टी में बड़ा धमाका होने वाला है। विवाद दल के कुछ नेताओं द्वारा आगामी चुनावों में कांग्रेस को समर्थन देने की घोषणा से जुड़ा हुआ है, हालांकि दल के दूसरे प्रभावशाली नेताओं का कहना है कि किसी भी दशा में यूकेडी कांग्रेस को किसी भी मंच पर समर्थन नहीं देगी, फिर चाहे शीर्ष नेतृत्व मनमाने ढंग से कोई भी फैसला क्यों ना लें।
यूकेडी के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बताया कि उत्तराखंड क्रांति दल का अधिवेशन 24 जुलाई को देहरादून में किया जाएगा। केंद्रीय अध्यक्ष द्वारा कांग्रेस पार्टी को समर्थन दिए जाने के फैसले का पुरजोर खंडन करते हुए कहा कि पार्टी के 80% से अधिक जिला अधिकारी और जिला अध्यक्ष और अन्य केंद्रीय पदाधिकारी सहित तमाम कार्यकर्ता किसी भी सूरत में किसी भी राजनीतिक दल को चुनाव मे कोई समर्थन प्रदान नहीं करेंगे।
उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय मीडिया प्रभारी शिवप्रसाद सेमवाल ने कहा कि चुनाव में कांग्रेस को समर्थन देने का सवाल ही नहीं उठता। सेमवाल ने केंद्रीय नेतृत्व पर आरोप लगाया कि कुछ केंद्रीय नेता यूकेडी के इलेक्शन को प्रभावित करने के लिए भाजपा के इशारे पर अधिवेशन को नवंबर लास्ट तक खिसकाना चाहते हैं ताकि यूकेडी के कार्यकर्ता निकाय चुनाव की तैयारी न कर सकें।
वहीं यूकेडी के केंद्रीय प्रवक्ता अनुपम खत्री ने कहा कि एक ही कार्यकाल में तीन बार कार्यकारिणी भंग की जा चुकी है तथा तमाम दल विरोधी गतिविधियों में पार्टी के शीर्ष नेता संलग्न है, जिसे आम कार्यकर्ता किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं करेगा।
यूकेडी के देहरादून जिलाध्यक्ष संजय डोभाल ने कहा कि पार्टी के 80% से अधिक जिला अध्यक्ष और केंद्रीय पदाधिकारियों का समर्थन उनके साथ है तथा वह किसी भी हालत में यूकेडी को राष्ट्रीय पार्टियों का पिछलग्गू नहीं बनने देंगे।
केंद्रीय महिला मोर्चा की अध्यक्ष सुलोचना ईष्टवाल,केंद्रीय कोषाध्यक्ष टीएस कार्की, उपाध्यक्ष उत्तरा पंत बहुगुणा, वाणिज्य प्रकोष्ठ के केंद्रीय अध्यक्ष भानु पंत,केंद्रीय श्रमिक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष राजेंद्र पंत ने भी शीर्ष नेतृत्व के मनमाने फैसले का विरोध करते हुए कहा कि पार्टी का एक वर्ग एकतरफा मनमाने निर्णय ले रहा है। कार्यकारिणी को किसी भी निर्णय में विश्वास में नहीं लिया जा रहा है इसलिए कोई भी दल विरोधी निर्णय स्वीकार नहीं किया जाएगा।
महिला प्रकोष्ठ ने भी चुनाव में कांग्रेस को समर्थन देने का भरपूर विरोध किया है।
प्रेस वार्ता में विनोद कोठियाल, शैलेंद्र सिंह गुसाईं, राजेंद्र भट्ट, लोकेंद्र थपलियाल, सरोज रावत, मंजू रावत, सुशीला पटवाल, यशोदा रावत, राजेंद्र गुसाईं, पंकज उनियाल राधेश्याम आदि दर्जनों पदाधिकारी और अन्य कार्यकर्ता शामिल थे।