उच्च शिक्षा मंत्री ने निजी संस्थानों के साथ बैठक में लिया निर्णय
पर्वतीय क्षेत्रों में निजी शिक्षण संस्थान खोलने का किया आह्वान

Dehradun: समर्थ पोर्टल पर आनलाइन माध्यम से उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश से वंचित रह गये छात्र-छात्राएं अब 14 अगस्त तक आफलाइन माध्यम से अपने आवेदन फार्म जमा करा सकेंगे। एसोसिएशन आफ सेल्फ फाइनेंस इंस्टीट्यूट उत्तराखंड के पदाधिकारियों को साथ हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया, जिसके निर्देश एफिलिएटिंग विश्वविद्यालयों को दे दिये गये हैं।
बैठक में निजी शिक्षण संस्थानों के संचालकों एवं प्रबंधकों को सूबे में क्वालिटी एजुकेशन पर फोकस करने तथा प्रदेश के शिक्षण संस्थानों में अध्ययन हेतु देश-विदेश के छात्र-छात्राओं को प्रेरित करने को कहा गया है। इसके अलावा एसोसिएशन के पदाधिकारियों से पर्वतीय क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिये एक-एक निजी शिक्षण संस्थान स्थापित करने की अपील की है।
सूबे के उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने आज यमुना कालोनी स्थित अपने शासकीय आवास पर एसोसिएशन आफ सेल्फ फाइनेंस इंस्टीट्यूट उत्तराखंड के पदाधिकारियों के साथ राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को तेजी से लागू व प्रवेश से वंचित छात्र-छात्राओं को आॅफलाइन माध्यम से देने के संबंध में बैठक की। इसके अतिरिक्त बैठक में निजी शिक्षण संस्थानों से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा हुई।
डा. रावत ने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत सभी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में नियमित शिक्षण सत्र हेतु राज्य सरकार ने एक प्रवेश, एक परीक्षा, एक परिणाम, एक चुनाव व एक दीक्षांत की नीति लागू की है। जिसके तहत एक प्रवेश के लिये समर्थ पोर्टल पर छात्र-छात्राओं को 25 जुलाई तक आनलाइन पंजीकरण कराना था लेकिन कतिपय कराणों से सैकड़ों छात्र-छात्राएं अपना पंजीकरण नहीं करा पाये। जिसको देखते हुये निर्णय लिया गया कि प्रवेश से वंचित रह गये छात्र-छात्राएं अब आगामी 14 अगस्त तक किसी भी राजकीय विश्वविद्यालय परिसर, सम्बद्ध निजी संस्थानों तथा राजकीय महाविद्यालयों में सीधे आॅफलाइन आवेदन कर सकेंगे। इस संबंध में संबंधित विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्देश दे दिये गये हैं। छात्र-छात्राओं द्वारा जो भी आफलाइन माध्यम से जो आवेदन किये जायेंगे संबंधित महाविद्यालय तथा संस्थान को ऐसे छात्रों का पंजीकरण स्वयं समर्थ पोर्टल पर कराना होगा।
विभागीय मंत्री डा.रावत ने बताया कि निजी शिक्षण संस्थानों के संचालकों से पर्वतीय क्षेत्रों में एक-एक निजी शिक्षण संस्थान खोलने की अपील की गई है, निजी शिक्षण संस्थान खोलने पर राज्य सरकार उन्हें सभी मूलभूत सुविधाएं मुहैया करायेगी। जिस पर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने अपनी सहमति जताई।
इसके अलावा बैठक में विश्वविद्यालयों को अधिक स्वायत्ता देने, अधिकारियों एवं कर्मचारियों की रिक्त पदों पर स्थाई नियुक्ति करने तथा समय पर परीक्षा आयोजन व परीक्षा परिणाम जारी करने की मांग भी एसोसिएशन द्वारा रखी गई।