भू दस्तावेजों में फेरबदल कर बिल्डर को बेची जमीन

शिकायतकर्ता ने लगाया पैतृक संपत्ति को फर्जीवाड़ा कर बेचने का आरोप

DEHRADUN: उत्तराखंड मे शहरों के साथ ही गाँवों और कस्बो तक में फ़र्ज़ी दस्तावेजों के माध्यम से लोगों की जमीनों को हड़पने का खेल जारी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कड़े तेवरों के बाद धोखाधड़ी एवं जमीनों के फ़र्ज़ी दस्तावेज बनाने वाले कई दिग्गज़ भू – माफियाओं को जेल भेजा गया है, जिनमें कुछ वकील और बिल्डर शामिल है, परन्तु कई मामले अभी भी अनसुलझे है।

फर्ज़ीवाड़े का ऐसा ही एक मामला अस्थाई राजधानी देहरादून के राजपुर रोड पर जाखन क्षेत्र में सामने आया है। जहाँ कुछ लोगों ने आपसी सांठ-गांठ करके शिकायतकर्ता की पैतृक सम्पति के कुछ भाग को ठिकाने लगा दिया।

जाखन निवासी प्रदीप चौधरी पुत्र स्व श्री अमर सिंह ने थाना राजपुर में तहरीर देकर बताया कि, 140 राजपुर रोड, जाखन पर उनकी पैतृक सम्पति है, उनके पिता ने अपने जीवन काल में उस सम्पति के एक भाग पर बने क़्वार्टर्स को अलग -अलग लोगों को विक्रय कर दिया था, परन्तु कुछ लोगों ने फर्जीवाड़ा करते हुए उनके द्वारा खरीदे गए क़्वार्टर्स के साथ लगती हुई उनकी पैतृक जमीन भी बेच डाली।

प्रदीप चौधरी ने अपने शिकायत पत्र में आरोप लगाया है कि प्रीतम सिंह ने कुल 51.84 वर्ग मीटर एरिया क्रय किया था जबकि विक्रय पत्र में कूटरचना करते हुए, प्रार्थी की 15.07 वर्ग मीटर पैतृक भूमि की भी रजिस्ट्री करा डाली, अर्थात् खरीदी 51.84 वर्ग मीटर और बेच डाली 66.91 वर्ग मीटर।

इसी प्रकार श्रीमती शकुंतला ने कुल 68.29 वर्ग मीटर एरिया खरीदा था, और यहां भी विक्रय पत्र में कूटरचना करते हुए 76.44 वर्ग मीटर एरिया बेच डाला और फर्जीवाड़ा करते हुए प्रार्थी की पैतृक सम्पति एक बिल्डर को फ़र्ज़ी तरीके से 8.15 वर्ग मीटर अतिरिक्त रकबा बेच डाला।

शिकायत पत्र में प्रदीप चौधरी द्वारा आरोप लगाया गया है कि, उपरोक्त लोगों के अतरिक्त श्रीमती संतोष ने भी 25.65 वर्ग मीटर भूमि जो की कभी उन्होंने खरीदी ही नहीं थी, जाली कागजात बना कर फ़र्ज़ी तरीके से दिल्ली के एक बिल्डर को बेच डाली ।

शिकायतकर्ता प्रदीप चौधरी ने तहरीर में दिल्ली निवासी बिल्डर की मंशा पर भी सवाल खड़े किये गए है कि किस आधार पर उन्होंने इसे खरीदा।

थानाध्यक्ष राजपुर पी डी भट्ट  ने इस संबंध में जानकारी लेने पर बताया कि शिकायत के आधार पर प्रकरण की जांच की जा रही हैं।