
मृतका की पुत्री व उसके प्रेमी को पुलिस ने किया गिरफ्तार
*पुश्तैनी सम्पत्ति का विवाद बना हत्या की मुख्य वजह, माँ और भाई द्वारा लगातार पुश्तैनी जमीन को बेचने व उसे हिस्सा न देने से नाराज थी अभियुक्ता
अपनी माँ को रास्ते से हटाकर पुश्तैनी सम्पत्ति में हिस्सा पाने की बनायी थी योजना
अपनी सगी मां को सौतेली माँ बताकर प्रेमी को भी किया था गुमराह, घटना के बाद हिस्से में आने वाली जमीन को बेचकर प्रेमी के साथ घर बसाने का दिया था लालच
*गिरफ्तार अभियुक्ता का पहले पति से हो चुका था तलाक,
दूसरी शादी के बाद भी किसी अन्य व्यक्ति से प्रेम सम्बन्ध को लेकर मृतका का अपनी पुत्री से कई बार हो चुका था विवाद
22 सितम्बर को संजय पुण्डीर पुत्र स्व0 श्री गोविन्द सिंह पुण्डीर, निवासी ग्राम काटल पो0 भोगपुर, थाना रानीपोखरी जनपद देहरादून द्वारा थाना रायवाला पर तहरीर दी कि उनकी माता श्रीमती खजानी देवी पत्नी स्व0 श्री गोविन्द सिंह पुण्डीर, उम्र 65 वर्ष जो शहीद भगत सिंह कालोनी लाइनपार मोतीचूर रायवाला में उनकी 06 वर्षीय पुत्री के साथ किराये के मकान में रहती थी, वह दिनांक – 21/09/2026 को दिन से लापता थी तथा उनके मकान के गेट में ताला लगा था। रात्रि समय करीब 10.30 बजे जब उनके द्वारा गेट का ताला तोड़कर अन्दर देखा तो मकान के अन्दर बाथरूम में उनकी माता खजानी देवी मृत अवस्था में मिली। किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उनकी हत्या कर गेट पर बाहर से ताला लगाया गया था।
घटना की गम्भीरता के दृष्टिगत तत्काल कोतवाली रायवाला पर 06 अलग-अलग टीमों का गठन किया गया। गठित टीमों द्वारा किये जा रहे प्रयासों के दौरान पुलिस टीम को मृतका खजानी देवी का उनकी पुत्री शिल्पा थापा पत्नी पंकज थापा, जो कि नई बस्ती लाइन पार शहीद भगत सिंह कालोनी में ही मृतिका के निवास से थोड़ी दूरी पर रहती है, के साथ पुश्तैनी जमीन को लेकर विवाद होना प्रकाश में आया तथा घटना से पूर्व शिल्पा थापा के परिचित/प्रेमी शिव नारायण पाण्डे उर्फ सोनू, जो कि मुम्बई में जाँब करता था, के मृतका के घर के आस पास देखे जाने की जानकारी प्राप्त हुयी।
शिव नारायण पाण्डे के सम्बन्ध में जानकारी करने पर उसका पूर्व में आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहना तथा मृतका की पुत्री शिल्पा थापा व शिवनारायण पाण्डे के लगातार एक दूसरे के सम्पर्क में होने की जानकारी प्राप्त हुयी। संदिग्धता के आधार पर पुलिस टीम द्वारा शिव नारायण पाण्डे की तलाश की गई तो घटना के बाद से ही उसका फोन बन्द होना ज्ञात हुआ, जिस पर अलग-अलग टीमों द्वारा शिव नारायण पाण्डे की तलाश हुई।
इसी दौरान पुलिस टीम को शिव नारायण पाण्डे के घटना से पहले व उसके बाद भी शान्ति कुन्ज मे छिपे होने की जानकारी प्राप्त हुयी, जिस पर दिनांक 25.09.2026 को पुलिस टीम द्वारा अभियुक्त शिव नारायण पाण्डे को शान्ति कुन्ज आश्रम हरिद्वार से गिरफ्तार किया गया, जिससे सख्ती से पूछताछ करने पर उसके द्वारा मृतका खजानी देवी की पुत्री शिल्पा के कहने पर खजानी देवी की हत्या करना स्वीकार किया गया।
अभियुक्त से पूछताछ के आधार पर घटना में सह अभियक्ता शिल्पा थापा को भी आज शहीद भगत सिंह कालोनी लाइनपार मोतीचूर से गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में अभियुक्त शिवनारायण पाण्डे उर्फ सोनू द्वारा बताया गया कि वह मूल रूप से ग्राम करोंदी थाना भगवानपुर जनपद हरिद्वार का रहने वाला है तथा शिल्पा थापा से उसकी मुलाकात मार्च 2026 में भूपतवाला हरिद्वार स्थित एक होटल में हुयी थी, जहां वो दोनो साथ में काम करते थे, इस दौरान उनके बीच प्रेम सम्बन्ध बन गये। अभियुक्त का अपनी पत्नी से तलाक का केस चल रहा है। शिल्पा थापा द्वारा उसे बताया था कि उसकी मां के नाम ग्राम काटल गडूल रानीपोखरी में कई बीघा जमीन है, जिसे उसकी मां और भाई संजय पुण्डीर द्वारा लगातार बेचा जा रहा है। पुश्तैनी जमीन में अपना हिस्सा मांगने पर उसकी मां तथा भाई न तो उसे पुश्तैनी जमीन में कोई हिस्सा दे रहे है और न ही जमीन बेचकर प्राप्त धनराशि में से पैसे। इस दौरान शिल्पा द्वारा अभियुक्त को खजानी देवी के उसकी सौतेली मां होने की झूठी जानकारी भी दी गयी थी।
माह जुलाई में अभियुक्त शिव नारायण के हरिद्वार छोड़कर नौकरी के लिये मुम्बई चले जाने पर शिल्पा द्वारा भी होटल की जाँब छोड़ दी थी पर उसके बाद भी वे दोनो लगातार एक दूसरे के सम्पर्क में थे। कुछ समय पूर्व शिल्पा द्वारा अभियुक्त को उसकी मां द्वारा दोबारा जमीन बेचने की कोशिश करने की जानकारी देते हुये वापस बुलाया तथा अपनी माँ खजानी देवी को रास्ते से हटाने तथा उसके बाद उसके हिस्से में आने वाली जमीन को बेचकर अन्यत्र गृहस्ती बसाने का लालच दिया।
अभियुक्त शिवनारायण पाण्डे की लाँकडाउन से पूर्व ढंढेरा फाटक रुड़की में बैटरी रिक्शा की एजेन्सी थी तथा लाँकडाउन में काम का नुकसान होने के कारण वह करीब 50 लाख के कर्जे में आ गया था और अपने कर्जे को चुकाने के लिये उसके द्वारा पूर्व में करोंदी भगवानपुर स्थित अपना मकान बेच दिया था परन्तु उसके उपरान्त भी वर्तमान में उस पर लगभग 10 लाख रुपये की देनदारी बकाया थी, जिसे वापस करने के लिये लोगो द्वारा उस पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था।
अभियुक्त द्वारा शिल्पा के भाई से भी कुछ पैसा उधार लिया गया था तथा खजानी देवी को उसके तथा शिल्पा के रिश्ते की भी जानकारी थी, जिससे वह उन दोनो से काफी नाखुश थी। उन दोनो के रिश्ते व उधार के पैसे वापस करने को लेकर खजानी देवी से उनका पूर्व में विवाद भी हुआ था तथा घटना से पूर्व भी दिनांक 19.09.2026 को अभियुक्त शिवनारायण व शिल्पा के खजानी देवी से मिलने उनके घर जाने पर उनके रिश्ते को लेकर पुनः उन दोनो का खजानी देवी से विवाद हो गया था तथा खजानी देवी द्वारा उन्हे काफी भला बुरा कहते हुये उनके साथ गाली गलौच की गयी थी।
इस बात से आहत होकर तथा शिल्पा द्वारा अपने सम्बन्धों का वास्ता देने व खजानी देवी की मृत्यु के बाद उसके हिस्से में जमीन आने का लालच देने पर अभियुक्त उसकी माँ की हत्या करने के लिये तैयार हो गया।
योजना के मुताबिक दिनांक 21.09.2026 को अभियुक्त शिवनारायण, खजानी देवी की हत्या की नीयत से उनके घर पहुचा जहां उसने मौका देखकर खजानी देवी का गला दबाकर उनकी हत्या कर दी और घर पर ताला लगाकर मौके से फरार हो गया, घटना के बाद अभियुक्त ने शिल्पा को घटना की जानकारी दी गयी तथा शिल्पा के कहने पर वह घटना के बाद शान्ति कुंज में छिप गया। घटना के बाद शिल्पा द्वारा किसी न किसी माध्यम से पुलिस कार्यवाही की सूचना लगातार अभियुक्त को दी जा रही थी।