
Rudrprayag: दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने के एवज में 5 हजार रुपये की रिश्वत मांगने वाले सर्जन को विजिलेंस विभाग की ट्रैप टीम ने दबोच लिया है। पैसे मांगने की शिकायत की जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद कार्रवाई करते हुए जनपद रुद्रप्रयाग के जिला अस्पताल में कार्यरत ऑर्थोपेडिक सर्जन को शिकायतकर्ता से आज सुबह 5,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
प्रकरण सतर्कता विभाग के टोल फ्री नंबर 1064 पर मिली शिकायत से सामने आया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग में तैनात ऑर्थोपेडिक सर्जन द्वारा विकलांगता प्रमाण पत्र बनवाने के एवज में 5 हजार की रिश्वत की मांग की जा रही है।
शिकायत प्राप्त होने के बाद जांच में शिकायत सही पाए जाने पर पुलिस अधीक्षक, सतर्कता सेक्टर देहरादून द्वारा आज 29 जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग में कार्रवाई करते हुवे दल ने चिकित्सक को शिकायतकर्ता से 5,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार चिकित्सक के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है और उनसे पूछताछ की जा रही है।
वही सतर्कता विभाग के अधिकारियों ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी या अधिकारी किसी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है तो इसकी शिकायत सतर्कता विभाग के टोल फ्री नंबर 1064 पर की जा सकती है, हर प्रकारकी शिकायत को पूर्ण रूप से गोपनीय रखा जाएगा।