श्रीमद् देवी भागवत कथा का भव्य समापन, पर्यावरण संरक्षण और हिमालय-गंगा की रक्षा का संदेश – Bhilangana Express

श्रीमद् देवी भागवत कथा का भव्य समापन, पर्यावरण संरक्षण और हिमालय-गंगा की रक्षा का संदेश

पशु-पक्षियों की सेवा, पर्यावरण संरक्षण और हिमालय-गंगा की रक्षा का संदेश देकर श्रीमद् देवी भागवत कथा का भव्य समापन
हवन-यज्ञ एवं विशाल भंडारे के साथ भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ धार्मिक आयोजन

देहरादून 2 नवम्बर । सहस्रधारा रोड, आईटी पार्क चौक के निकट राजेश्वर नगर फेज-1 स्थित सामुदायिक भवन में महिला कल्याण समिति द्वारा आयोजित दिव्य श्रीमद् देवी भागवत महापुराण कथा का हवन-यज्ञ एवं विशाल भंडारे के साथ श्रद्धा और भक्तिभावपूर्ण वातावरण में भव्य समापन हुआ। क्षेत्रीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, पूर्व लोकायुक्त एम एम घिल्डियाल, सहित अन्य लोगों ने व्यासपीठ से आशीर्वाद लिया ।

इस अवसर पर नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज ने श्रद्धालुओं को धर्म, अध्यात्म और सामाजिक दायित्वों का संदेश देते हुए कहा कि सच्ची देवी उपासना केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रकृति, जीव-जंतुओं और समस्त सृष्टि के प्रति करुणा एवं संवेदना रखना भी मां भगवती की सच्ची आराधना है।

स्वामी रसिक महाराज ने आह्वान किया कि प्रत्येक व्यक्ति पशु-पक्षियों की सेवा और उनके संरक्षण का संकल्प ले। गर्मियों में पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था करें तथा प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाएं। उन्होंने कहा कि हिमालय हमारी आस्था, संस्कृति और जीवन का आधार है, इसलिए हिमालय बचाओ, गंगा बचाओ और पर्यावरण बचाओ का संदेश जन-जन तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि भारत की सनातन संस्कृति और करोड़ों लोगों की जीवनधारा है। इसकी स्वच्छता एवं निर्मलता बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।

कथा के समापन अवसर पर विधि-विधान से हवन-यज्ञ संपन्न हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने विश्व कल्याण, सुख-समृद्धि, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्र की उन्नति की कामना से आहुतियां अर्पित कीं। इसके पश्चात विशाल भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

महिला कल्याण समिति की पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने कथा के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं, संत-महात्माओं और क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त किया। पूरा आयोजन भक्ति, सेवा, संस्कार और पर्यावरण संरक्षण के प्रेरणादायी संदेश के साथ संपन्न हुआ।