एग्जिट पोल आधे अधूरे भवर में, असमंजस की स्थिति बरकरार – Bhilangana Express

एग्जिट पोल आधे अधूरे भवर में, असमंजस की स्थिति बरकरार

आसान नहीं होगा उत्तराखंड में बहुमत की सरकार बनाना
एग्जिट पोल के आधार पर भाजपा थोड़ी मजबूत स्थिति में

Dehradun: उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में मतगणना को लेकर अब हालांकि अधिक समय नहीं रह गया है लेकिन उससे पहले जो भी चुनाव पूर्वानुमान आंकड़े पेश किए गए हैं वह अभी भी असमंजस की स्थिति बनाए हुए हैं। ताबड़तोड़ तरीके से अलग-अलग एजेंसियों द्वारा पेश किए गए आंकड़े कोई ठोस हल नहीं निकाल पाए और उत्तराखंड में सरकार बनाने के दावे 50 50% के हेरफेर में ही उलझ कर रह गए। अभी भी यह बड़ा चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर उत्तराखंड में कौन सरकार बना रहा है और यदि सरकार बनेगी तो क्या पूर्ण बहुमत हासिल होगा या नहीं?

एग्जिट पोल के परिणाम आने के बाद हालांकि भारतीय जनता पार्टी का पलड़ा उत्तराखंड में कुछ अधिक भारी नजर आने लगा है लेकिन कुछ दूसरी एजेंसियों ने कांग्रेस की सरकार पूर्ण बहुमत के साथ बनाने की और भी इशारा किया है। जो भी आंकड़े उत्तराखंड के संदर्भ में पेश किए गए हैं वह भ्रमित करने वाले हैं और कोई ठोस आधार नहीं छोड़ रहे हैं। आंकड़ों के खेल में आम जनता इस प्रकार से उलझ गई है कि किसी भी सरकार का पूर्ण बहुमत से आने को लेकर असमंजस की स्थिति में है। हालांकि दावों की बात करें तो 60 प्लस और 48 प्लस की बातें अब शांत हो गई है क्योंकि दोनों दलों के नेताओं को भी अब यह लगने लगा है की वर्तमान परिस्थितियों में अब यह आंकड़ा प्राप्त करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है।

एग्जिट पोल भाजपा के पक्ष में जाते हुए नजर आ रहे हैं लेकिन यहां भी पूर्ण बहुमत की ओर किसी सर्वे एजेंसी द्वारा इशारा नहीं किया गया है। यह आंकड़े ऐसे हैं जहां किसी ठोस नतीजे पर निकलना मुश्किल हो रहा है। सरकार बनाने के लिए दोनों ही दलों को आंकड़े तक पहुंचता हुआ दर्शाया गया है तो वहीं जहां भी इशारा किया जा रहा है कि भाजपा कांग्रेस के अतिरिक्त सीट निकालने वाले सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाने की स्थिति में है।

विविन सर्वे एजेंसियों के आंकड़ों को देखा जाए तो अब यह लगने लगा है कि उत्तराखंड में कांटे का मुकाबला देखने को मिलेगा और सरकार बनाना दोनों दल में से किसी के लिए भी आसान नहीं होगा लेकिन वहीं दूसरी ओर यदि अधिकांश सर्वे एजेंसियों की बात मानी जाए तो भारतीय जनता पार्टी बहुमत का आंकड़ा जुटाने में सफल होती नजर आ रही है और सरकार बनाने की अधिक बेहतर स्थिति में है।