मौत का नाला: मूकदर्शक बने रहे राहगीर, 2 जवानों ने बचाई जान – Bhilangana Express

मौत का नाला: मूकदर्शक बने रहे राहगीर, 2 जवानों ने बचाई जान

डूबता देखने के बावजूद सहायता को नहीं बढ़ाए हाथ
डालनवाला पुलिस की तत्परता से बची एक व्यक्ति की जान
पुलिस को सूचना दी तो जवानों ने निकाला व्यक्ति को बाहर

https://youtu.be/ARoeTS8gbYI
Dehrdun: देहरादून के सर्वे चौक से लेकर थाना डालनवाला तक गंदा नाला दुर्घटनाओं का कारण बना हुआ है। खासतौर पर बरसात के समय सड़क और नाले का आभास ही नहीं हो पाता। कहने को तो यह नाला है लेकिन कभी इसकी सफाई होती हो यह यहां से गुजरते लोगों ने कभी नहीं देखा। आज इस नाले में एक राहगीर गिर पड़ा जिसे बचाने के लिए आते जाते लोगों ने तत्काल मदद नहीं की हालांकि पास ही करणपुर पुलिस चौकी को सूचना जरूर दी जिस पर तत्काल दो पुलिसकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर डूबते हुए व्यक्ति को बाहर निकाला।
https://youtu.be/kI62HDopv4U
यह बेहद हैरान कर देने वाला रहा कि एक व्यक्ति को डूबता हुआ देखने के बावजूद वहां मौजूद लोगों ने तत्परता नहीं दिखाई और पुलिस के आने की प्रतीक्षा करते रहे। किस्मत अच्छी रही कि 2 पुलिसकर्मी वहां पहुंचे और उन्होंने तत्काल डूबते हुए युवक को बाहर निकाल लिया। जिस वक्त राहगीरों को उस व्यक्ति की मदद करनी चाहिए थी उस वक्त पर पुलिस को ढूंढ रहे थे। सीसीटीवी फुटेज में भी साफ नजर आ रहा है कि आसपास कुछ लोग घूम रहे हैं लेकिन कोई भी नाले में डूब रहे व्यक्ति को बचाने के लिए आगे नहीं आ रहा है। यदि थोड़ा सा प्रयास किया जाता तो निश्चित तौर पर डूबते हुए इस व्यक्ति को तत्काल राहगीरों द्वारा ही निकाला जा सकता था। चिकित्सकों का भी कहना था कि यदि पुलिस कर्मियों द्वारा इस व्यक्ति को लाने में कुछ और विलम होता तो शायद उसकी जान ना बचाई जा सकती थी।

निश्चित तौर पर इसके लिए चीता 40 करणपुर थाना डालनवाला जनपद देहरादून के कर्मचारी कॉन्स्टेबल 1528 ईश कुमार व कॉन्स्टेबल 427 मनोज व पी0 आर0डी0 जवान चंदन सिंह की तत्परता की सराहना करनी होगी जिन्हें सूचना मिली कि रायपुर रोड सर्वे चौक से आगे एक व्यक्ति गंदे नाले में गिरा है, जो डूब रहा है तथा जिसे कोई बाहर नहीं निकाल पा रहा है। जिस पर चीता कर्मचारी मौके पर गए और उस व्यक्ति को गंदे नाले से बाहर निकाला तथा उसे प्राथमिक चिकित्सा देते हुए उसे तुरंत हॉस्पिटल ले गए, जहां डॉक्टर ने बताया कि अगर 2 मिनट की देरी हो जाती तो यह व्यक्ति मर सकता था।
चीता कर्मचारियों द्वारा तत्परता से किए गए कार्य से उक्त व्यक्ति की जान बच सकी। उक्त संपूर्ण घटना करणपुर चौकी में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।