दास्ताने राजधानी: जनता ढूंढ रही गढ्डों के बीच चलने लायक सड़क! – Bhilangana Express

दास्ताने राजधानी: जनता ढूंढ रही गढ्डों के बीच चलने लायक सड़क!

राजधानी देहरादून की सड़कों पर गढडा है या गढडों पर सडक, अंदाजा लगाना मुश्किलः डाॅ0 प्रतिमा सिंह

देहरादून: प्रदेश कांग्रेस की पूर्व प्रवक्ता डाॅ0 प्रतिमा सिंह ने देहरादून शहर की सडकों की दयनीय स्थिति पर बयान जारी करते हुए कहा कि बरसात की शुरूआत से ही देहरादून की सड़कें गड्ढों में तब्दील होना शुरू हो गई थी और आज स्थिति यह है कि आम जनता को चलने के लिए गड्ढों में सड़क ढूंढनी पड रही है।
डाॅ0 प्रतिमा सिंह ने कहा कि देहरादून शहर की जिन सडकों पर सीएम,विधायक, मंत्री, सचिव तथा कितने ही वीवीआईपी यातायात कर रहे हैं उन सडकों की ऐसी स्थिति से स्वतः ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों का क्या हाल होगा। राजधानी देहरादून में स्मार्ट सिटी के नाम पर बिना प्लांनिग के हो रहे निर्माण कार्यों के कारण पूरे महानगर की सड़कें बरसाती नालों में तब्दील हो चुकी हैं तथा लोगों को घंटों जाम की स्थिति का सामना तो करना ही पड़ रहा है आये दिन दुर्घटनायें घटित हो रही हैं।
पूर्व कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा ने सड़कों को गढ्डा मुक्त करने के लिए पैच रिपेयरिंग ऐप जारी किया था परन्तु सरकार प्रदेश की एक प्रतिशत सड़कों को भी गढ्डा मुक्त नहीं कर पाई है इसके विपरीत बरसात ने सरकार के गढडा मुक्ति के सभी झूठे दावों की पोल खोल कर रख दी है। यह भी अंदाजा नहीं लग पा रहा है कि सडक पर गढडा है या गढडे पर सडक। गढडों को पाटने के नाम पर पूरे देहरादून शहर में सडकों पर जगह-जगह सीमेंट ब्रिक्स ईंटों के टांके लगाकर पूरे शहर की सडकों को बदरंग जरूर कर दिया गया है।
पूर्व कांग्रेस प्रवक्ता डाॅ0 प्रतिमा सिंह यह भी कहा कि स्मार्ट सिटी के निर्माण कार्यों पर करोड़ों रूपये खर्च होने का दावा किया जा रहा है परन्तु स्मार्ट सिटी के निर्माण कार्य अब्बल दर्जें के घटिया हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में डाली जा रही सीवर लाईन के बाद निर्मित सडकें एक ही बरसात में उखड चुकी हैं। सडकों के किनारे बनाई जा रही नालियों को मानकों के विपरीत निम्न स्तर की गुणवत्ता के साथ निर्मित किया जा रहा है। कई क्षेत्रों में नालों की दीवारों को 6 इंची के सिंगिल सरिये से बनाया जा रहा है जो एक भी बरसात का पानी झेलने लायक नहीं है। सीवर लाईनों पर मनमाने ढंग से काम किया जा रहा है तथा घरों की सीवर लाइनों में चेम्बर बनाने की जगह लाईन को सीधे मुख्य लाईन के चेम्बर से जोड़ा जा रहा है जो कि भविष्य में लोगों के लिए दुःखदायी साबित हो सकता है।
उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी के सभी र्मिाण कार्यों की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।