सीएम धामी के नेतृत्व में एक और बड़ा फैसला: UCC बिल को मंजूरी, अब विधानसभा पर नजर – Bhilangana Express

सीएम धामी के नेतृत्व में एक और बड़ा फैसला: UCC बिल को मंजूरी, अब विधानसभा पर नजर

देहरादून;  धामी कैबिनेट ने समान नागरिकता बिल को मंजूरी दे दी है। सीएम धामी के आवास पर हुई उनकी अध्यक्षता में हुई बैठक में इस बिल को मंजूरी दी गई है। अब यह बिल कल से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में पेश किया जाएगा जहां पूर्ण संभावना है कि उत्तराखंड समान नागरिकता संहिता को कानून बनाने वाला पहला राज्य बन जाएगा।

उत्तराखंड में सोमवार को विधानसभा का सत्र शुरू हो रहा है। विधानसभा का यह विशेष सत्र 5 से 8 फरवरी तक चलेगा। कल धामी सरकार समान नागरिक संहिता (UCC) को विधानसभा में पेश केरगी।

बता दे की समान नागरिक संहिता (UCC) का मसौदा तैयार करने के लिए उत्तराखंड सरकार द्वारा गठित समिति ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को 740 पन्ने के दस्तावेज सौंपे हैं। इस बिल को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा था कि 6 फरवरी को विधानसभा में पेश करने से पहले मसौदे की जांच, अध्ययन और चर्चा की जाएगी। UCC पर विधेयक पारित करने के लिए ही धामी सरकार ने विधानसभा का चार-दिवसीय विशेष सत्र बुलाया है। 4 भाग वाले इस 740 पन्नों के दस्तावेज को पांच-सदस्यीय समिति ने तैयार किया है। जिसकी अध्यक्ष उच्चतम न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई थीं।

समान नागरिक संहिता का प्रारूप बनने के लिए 72 बैठक

विधानसभा चुनावों के दौरान बीजेपी ने जनता से वादा किया था कि नई सरकार का गठन होते ही सबसे पहले UCC लागू किया जाएगा और UCC अब आ रहा है। लगातार दूसरी बार जनादेश मिलने के बाद कैबिनेट ने अपनी पहली बैठक में समिति का गठन करने का निर्णय लिया।

अपने वादे के अनुरूप धामी सरकार बनते ही मुख्यमंत्री धामी ने इस दिशा में कदम बढ़ाया और UCC का मसौदा बनाने के लिए पांच-सदस्यीय समिति गठित की। इस समिति ने दो उपसमितियां भी बनायीं, एक- इसका प्रारूप तैयार करने के लिए और दूसरी- जनसंवाद कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए। धामी ने कहा कि मसौदा तैयार करने के लिए समिति ने 72 बैठकें कीं ।

UCC अपनाने वाला पहला राज्य होगा उत्तराखंड

उत्तराखंड में लागू होने वाला समान नागरिकता संहिता कानून राज्य में सभी नागरिकों को उनके धर्म से परे एकसमान विवाह, तलाक, भूमि, संपत्ति और विरासत कानूनों के लिए एक कानूनी ढांचा प्रदान करेगा। जैसा की पूर्ण उम्मीद है यदि यदि यह बिल लागू होता है तो उत्तराखंड आजादी के बाद UCC अपनाने वाला देश का पहला राज्य बन जाएगा।