
अपने आदर्श वाक्य “नर सेवा ही नारायण सेवा” को किया आत्मसात
दस राहत कैंप लगाए गए, जिनसे 250 से अधिक प्रभावित ग्रामीणों और यात्रियों को चिकित्सा एवं सहायता

गंगोत्री धाम, उत्तरकाशी: 5 अगस्त 2025
धराली गांव (उत्तरकाशी) में आई आपदा के दौरान स्थानीय लोगों और यात्रियों को राहत पहुँचाने में स्वामी विवेकानंद हेल्थ मिशन सोसाइटी द्वारा संचालित स्वामी विवेकानंद धर्मार्थ चिकित्सालय, गंगोत्री धाम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संस्था ने अपने आदर्श वाक्य “नर सेवा ही नारायण सेवा” को आत्मसात करते हुए संकट की घड़ी में निस्वार्थ सेवा का परिचय दिया।

प्रमुख पहल:
आपदा राहत कैंप:
10 राहत कैंप लगाए गए, जिनसे 250 से अधिक प्रभावित ग्रामीणों और यात्रियों को चिकित्सा एवं सहायता मिली।
केरल के यात्रियों की सुरक्षित मदद:
भैरव घाटी में फँसे केरल राज्य के 29 यात्रियों को सुरक्षित गंगोत्री लाया गया था। यहाँ उनके रहने और जलपान की व्यवस्था चिकित्सालय द्वारा की गई। तत्पश्चात प्रशासन व चिकित्सालय के सहयोग से उन्हें हेलीकॉप्टर सेवा द्वारा सुरक्षित नीचे भेजा गया।
सुरक्षाबलों के लिए सहयोग:
6 अगस्त से 12 अगस्त तक आपदा राहत एवं बचाव कार्य में जुटे सेना, आईटीबीपी और पुलिस कर्मियों के लिए सूक्ष्म जलपान की विशेष व्यवस्था की गई।
मानवीय सेवा का प्रतीक
इस सेवा कार्य ने एक बार फिर यह सिद्ध किया कि आपदा के समय मानवीयता और करुणा ही सबसे बड़ा धर्म है। स्वामी विवेकानंद हेल्थ मिशन सोसाइटी ने विवेकानंद जी के विचारों को साकार कर दिखाया कि “नर सेवा ही नारायण सेवा” केवल एक आदर्श वाक्य नहीं, बल्कि जीवन जीने की दिशा है।