आंदोलनकारियों के सपनों के अनुसार विकास में कोई कमी के लिए कांग्रेस सरकारें जिम्मेदार – Bhilangana Express

आंदोलनकारियों के सपनों के अनुसार विकास में कोई कमी के लिए कांग्रेस सरकारें जिम्मेदार

रजत जयंती पर कांग्रेस का नकारात्मक एजेंडा शहीदों का अपमान : भाजपा

देहरादून। भाजपा ने रजत जयंती समारोह में कांग्रेस पर आरोप लगाया की वह विकास कार्यों मे नकारात्मक राजनीतिक एजेंडा चला रही है और यह दुर्भाग्यपूर्ण और शहीदों का अपमान बताया है।

प्रदेशाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने पलटवार कर कहा कि यदि आंदोलनकारी सपनों के अनुसार राज्य के विकास में कोई कमी रह गई है तो उसमें बड़ी भूमिका कांग्रेस सरकारों की रही है। शायद इसीलिए, राज्य निर्माण की विरोधी रही पार्टी के नेताओं के चेहरे पर कोई खुशी नजर नहीं आई।

विभिन्न माध्यमों से मीडिया द्वारा कांग्रेसी रुख को लेकर पूछे गए सवालों का ज़बाब देते उन्होंने कहा, राष्ट्रपति और पीएम की सहभागिता में समस्त प्रदेशवासियों ने स्थापना दिवस की 25 वीं वर्षगांठ बहुत ही उत्साह और सौहार्द के साथ मनाया है। लेकिन इस गौरवशाली और ऐतिहासिक अवसर पर भी कांग्रेस का नकारात्मक रुख बहुत ही शर्मनाक रहा है।

उन्होंने कहा कि जनता ने देखा है कि किसने शराब माफियाओं के साथ मिलकर आपकारी नीति बनाई और किसने खनन माफियाओं को फायदा पहुंचाने के लिए मां गंगा की धारा को नाला घोषित किया। जनता जानती है कि प्रदेश की डेमोग्राफी बदलने की साजिश रचने वालों में वोट बैंक देखने और राज्य के संसाधनों को लूटने का लाइसेंस जारी किसने किये यह जनता जानती है।

उन्होंने कहा, हमे उम्मीद थी कि राज्य स्थापना के इस महत्वपूर्ण अवसर पर, कांग्रेस और विपक्ष भी जनता के साथ जश्न मनाएगा। लेकिन अफसोस, उनकी नकारात्मक सोच इस कदर बढ़ गई है कि इस दौरान वे अपना नकारात्मक एजेंडा ही आगे बढ़ाते रहे। औपचारिकता के नाते जो भी कार्यक्रम उनके द्वारा किए गए उसमें कहीं से भी नजर नहीं आया कि किसी तरह का उत्साह या खुशी उन्हें 25 वर्ष पूरे होने की है। हालांकि यह स्वाभाविक भी था क्योंकि कांग्रेस पार्टी तो हमेशा से राज्य निर्माण की विरोधी रही है।

उन्होंने कांग्रेस के अतिरिक्त राज्य निर्माण की राजनौति करने वाले दलों के रुख की भी कड़ी आलोचना की। उन्होंने हैरानी जताई कि ऐसे दल के नेता कैसे स्थापना दिवस के रजत जयंती वर्ष समारोह का बहिष्कार और विरोध कर सकते हैं? उसपर इस गौरवशाली अवसर की खुशी में शामिल होने वालों को जबरदस्ती रोकना, बहुत शर्मनाक था।