
*“यह दशक उत्तराखंड का होगा”, विकास के विजन पर सरकार का फोकस : डा. आर राजेश कुमार*
*- बोली-भाषा का संवर्द्धन और बच्चों को नैतिक संस्कार देने जरूरी : बंशीधर तिवारी*
*- एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल दिलाने वाले अर्जुन अवार्डी आनरेरी कैप्टन पदम बहादुर मल्ल, प्रख्यात हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. जयंत नवानी को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड*
*- 20 विभूतियां ‘उत्तराखंड गौरव’ से सम्मानित, 35 लोगों को मिला विशेष सम्मान, मंथन में विकास, संस्कृति और समाज निर्माण पर हुई व्यापक चर्चा*
देहरादून। आवास एवं राज्य संपत्ति विभाग के सचिव डा. आर. राजेश कुमार ने कहा है कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता राज्य का चहुंमुखी विकास है। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य के विकास की योजनाओं पर तेजी से काम कर रही है। पिछले चार साल के दौरान राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं, संचार और संसाधनों में तेजी से सुधार हुआ है। प्रदेश के लोगों का जीवन स्तर सुधरा है और साथ ही आर्थिक विकास की गति भी तेज हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि विकास की किरणें सीमांत गांव के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक भी पहुंचे।
आवास एवं राज्य संपत्ति विभाग के सचिव डा. आर राजेश कुमार एक निजी होटल में मासिक पत्रिका के कार्यक्रम में आयोजित सम्मान समोराह और मंथन ‘उत्तराखंड का दशकः चुनौतियां और संभावनाएं‘ विषय पर सरकार की विकास योजनाओं का खाका पेश कर रहे थे।‘ उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता जनता को बुनियादी समस्याओं से निजात दिलाना है और उनके जीवन स्तर में सुधार लाना है। इस दौरान उन्होंने सरकार की स्वास्थ्य, शिक्षा, संचार, संसाधन और रोजगारपरक विकास योजनाओं के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि यह दशक उत्तराखंड का बने और प्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शुमार हो सके। इस मौके पर उन्होंने 1962 में बाक्सिंग में पहली बार देश को एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल दिलाने वाले अर्जुन अवार्डी आनरेरी कैप्टन पदम बहादुर मल्ल और प्रख्यात हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. जयंत नवानी को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड दिया।
वहीं, इस मौके पर अति विशिष्ट अतिथि और मुख्यमंत्री के अपर सचिव बंशीधर तिवारी ने कहा कि आज समाज में जीवन मूल्यों का पतन हो रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों को नैतिक संस्कार जरूर दें। इस मौके पर उन्होंने आम जनता से अपील की कि अपने बच्चों को पंचतंत्र की कहानियां सुनाएं। बच्चे यदि नैतिक तौर पर संस्कारवान होंगे तो वह भविष्य में समाज के अच्छे नागरिक साबित होंगे। उन्होंने अपनी बोली-भाषा के संवर्द्धन के लिए आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बोली-भाषाओं का संरक्षण और संवर्द्धन के लिए भी जागरूकता की जरूरत है। प्रदेश सरकार इस दिशा में काम कर रही है और साथ ही स्थानीय उत्पादों को भी प्रोत्साहित कर रही है।
टिहरी गढ़वाल के अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी ने सरकार द्वारा जनहित में किये जा रहे कार्यों और योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विगत चार-पांच साल के दौरान बुनियादी सुविधाओं में सुधार हुआ है। सरकार आम जनता तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। जन जन की सरकार, जन-जन के द्वार जैसे कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं ताकि ग्रामीणों की समस्याओं का उनके दरवाजे पर समाधान मिल सके।
श्रीनगर मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. आशुतोष सयाना ने मेडिकल चिकित्सा के क्षेत्र में किये जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जल्द ही रुद्रपुर और पिथौरागढ़ मेडिकल कालेज भी शुरू होंगे। इससे रोजगार सृजन होगा और प्रदेश में और अधिक भावी डाक्टरों के लिए दरवाजे खुलेंगे। उन्होंने नर्सिंग और पैरामेडिकल के क्षेत्र में किये जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी।
इस मौके पर समाज के विभिन्न वर्गों के 20 विभूतियों को उत्तराखंड गौरव पुरस्कार दिये गये और 35 अन्य लोगों को उल्लेखनीय कार्यों के लिए स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया। इस मौके पर पूर्व आईजी सत्यशरण कोठियाल, पूर्व सूचना आयुक्त जेपी ममगाई, ललित जोशी, पूर्व कर्नल यदुवीर रावत, पूर्व कर्नल उमेश रावत, कर्नल राकेश कुकरेती, शिक्षाविद कमला पंत, इरा कुकरेती, सुरेश डंडरियाल, उद्यमी सुशील सिंह, वैभव गोयल, आदि प्रमुख लोग मौजूद थे।