
विष्णुगाढ़ पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना में सुरक्षा मानकों की अनदेखी
भूगर्भीय परिस्थितियों को किया गया नज़रंदाज़
नौ लोगों की मौत का कौन है जिम्मेदार
देहरादून: चमोली जनपद में निर्माणाधीन विष्णुगाड पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना में श्रमिकों की सुरक्षा मानकों को नजरअंदाज किया गया और उस पूरे क्षेत्र की भूगर्भीय परिस्थितियों पर भी गहन विचार विमर्श व अध्ययन नहीं हुआ जिसके कारण कल शुक्रवार को निर्माणाधीन टनल में मलवा और पानी आने के कारण अब तक नौ श्रमिकों के मरने की खबर आ रही है।
उक्त आरोप आज एआईसीसी सदस्य व उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने लगाए।श्री धस्माना ने कहा कि आठ महीनों में यह दूसरी दुर्घटना है और कार्यदायी संस्था टीएचडीसी के पास इस बात का कोई जवाब नहीं है कि टनल में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा के क्या प्रबंध उसने किए हुए थे और ना ही राज्य की आपदा प्रबंधन तंत्र के पास इसका कोई जवाब है कि उसने पहली दुर्घटना के बाद क्या टीएचडीसी को इस बाबत कोई ठोस सुरक्षा प्रबंध करने के निर्देश दिए थे।
श्री धस्माना ने कहा कि नौ श्रमिकों की जान चली गई और अनेक श्रमिक अभी घायल अवस्था में जिंदगी के लिए जंग लड़ रहे हैं ऐसे में केंद्र व राज्य सरकार को इस दुर्घटना के लिए जवाबदेही तय कर कार्यवाही करनी चाहिए।