
मेधावी विद्यार्थियों के सपनों को पंख दे रहा “भारत दर्शन” शैक्षिक भ्रमण…
देहरादून। शिक्षा केवल पाठ्यपुस्तकों, कक्षाओं और परीक्षाओं तक सीमित नहीं है। वास्तविक शिक्षा वह है, जो विद्यार्थी के ज्ञान को अनुभव से जोड़ते हुए उसकी सोच, दृष्टिकोण, जिज्ञासा और भविष्य की संभावनाओं को व्यापक बनाए। इसी विचार को धरातल पर उतारने की दिशा में देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के विधायक विनोद कंडारी की ओर से संचालित “भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण” कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए सीखने का एक अनूठा अवसर बनता जा रहा है।
विधायक विनोद कंडारी की पहल से विगत 9 वर्षो से देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के परिषदीय परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को देश के विभिन्न राज्यों के प्रसिद्ध शैक्षणिक, औद्योगिक एवं ऐतिहासिक संस्थानों का भ्रमण कराया जाता है। वर्ष 2026 में भी- 100 मेधावी विद्यार्थियों का दल “भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण” पर निकला है। कार्यक्रम के तहत उत्तर प्रदेश के प्रमुख शैक्षणिक एवं ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण प्रस्तावित है।
गुरुवार को “भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण” पर जाने वाले छात्र-छात्राओं ने देहरादून में उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) से मुलाकात की। विद्यार्थियों ने राज्यपाल के अनुभवों को सुना और उनसे मार्गदर्शन प्राप्त किया।
भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण के दल ने उत्तराखंड सचिवालय परिसर का भ्रमण किया। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने प्रदेश के प्रमुख सचिव आनंद वर्धन से मुलाकात की। प्रमुख सचिव ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्हें लोकतांत्रिक व्यवस्था, शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली तथा सचिवालय की भूमिका के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी।
यह अनुभव विद्यार्थियों के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि नागरिक शास्त्र और लोकतंत्र की अवधारणाएं केवल किताबों में पढ़ने के बजाय जब विद्यार्थी उन्हें प्रत्यक्ष रूप से देखते और समझ रहें हैं,
इस प्रकार के अनुभवात्मक शिक्षण के महत्व को उत्तराखंड विधानसभा के पूर्व शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम में भी रेखांकित किया गया था।
“भारत दर्शन” की विशेषता यह है कि विद्यार्थियों को केवल पर्यटन नहीं कराया जाता, बल्कि उन्हें देश की शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, उद्योग, इतिहास, संस्कृति, लोकतांत्रिक संस्थाओं और विकास की प्रक्रियाओं से परिचित कराने का प्रयास किया जाता है।
कक्षा में विद्यार्थी किसी विश्वविद्यालय, शोध संस्थान, औद्योगिक इकाई या ऐतिहासिक स्थल के बारे में पढ़ सकता है, लेकिन जब वही विद्यार्थी उन स्थानों को अपनी आंखों से देखता है, विशेषज्ञों और जिम्मेदार लोगों से संवाद करता है तथा वहां की कार्यप्रणाली को समझता है, तो उसकी सीखने की प्रक्रिया और अधिक प्रभावी हो जाती है।
देवप्रयाग विधानसभा जैसे पर्वतीय क्षेत्र के अनेक प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए देश के बड़े शैक्षणिक एवं औद्योगिक संस्थानों को करीब से देखना अपने आप में प्रेरणादायी अनुभव है। ऐसे भ्रमण से विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिलता है कि शिक्षा के माध्यम से उनके सामने उच्च शिक्षा, शोध, तकनीकी क्षेत्र, प्रशासन, उद्योग और विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों में कितनी व्यापक संभावनाएं उपलब्ध हैं।
विधायक विनोद कंडारी ने कहा कि इस पहल का एक महत्वपूर्ण पक्ष यह भी है कि मेधावी विद्यार्थियों कि प्रतिभा को केवल परीक्षा के अंकों तक सीमित न रखते हुए उन्हें बड़े सपने देखने और उन्हें प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया जाए। विगत वर्षों से देवप्रयाग विधानसभा के मेधावी विद्यार्थियों को भारत दर्शन पर ले जाने की यह पहल लगातार जारी रही है।
शैक्षिक दृष्टि से ऐसी पहल विद्यार्थियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को भी बढ़ावा दे सकती है। जब विद्यार्थी यह देखते हैं कि उत्कृष्ट शैक्षिक प्रदर्शन के साथ उन्हें देश को जानने और सीखने का अवसर मिलेगा, तो पढ़ाई के प्रति उनकी रुचि और लक्ष्यबद्धता को प्रोत्साहन मिलता है।
विधायक विनोद कंडारी द्वारा अपने निजी संसाधनों से शुरू की गई यह पहल अब विद्यार्थियों के लिए शिक्षा और वास्तविक जीवन के अनुभव के बीच एक सेतु का काम करती दिखाई देती है। इससे यह संदेश भी जाता है कि प्रतिभा केवल बड़े शहरों में नहीं, बल्कि पहाड़ के दूरस्थ गांवों और छोटे विद्यालयों में भी मौजूद है; आवश्यकता केवल उसे अवसर,
आज के प्रतिस्पर्धी दौर में शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य ऐसे युवा तैयार करना है, जो केवल परीक्षा पास करने वाले विद्यार्थी न होकर ज्ञानवान, जिज्ञासु, आत्मविश्वासी, संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक बनें। ‘भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण’ इसी व्यापक सोच के साथ विद्यार्थियों को किताबों की दुनिया से निकालकर देश और समाज की वास्तविकताओं से रूबरू कराने का प्रयास है।
इस मौके पर राज्यमंत्री जोत सिंह, एडवोकेट अर्जुन भंडारी, नगर पंचायत अध्यक्ष डा. राकेश मोहन मैठाणी, पूर्व अध्यक्ष कैलाशी जाखी, शिव सिंह नेगी, डा.जगदीश शाह, मदन मोहन रावत, कमलेश थपलियाल, मनीषा रावत, अनीता बाला, कविता, नरेंद्र कुंवर, रणजीत सिंह जाखी, विकास दुमागा एवं अंकित रावत सहित कई लोग मौजूद थे l