26 और 27 सितंबर को रेड अलर्ट, प्रशासन अलर्ट मोड पर

मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील, अनावश्यक यात्रा न करने की सलाह

सभी जिलाधिकारी 24×7 अलर्ट मोड पर रहेंगे, राहत एवं बचाव की सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश

26 एवं 27 सितंबर को प्रदेश के विभिन्न जनपदों में मौसम विभाग द्वारा जारी रेड अलर्ट को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों एवं पर्यटकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रेड अलर्ट की अवधि में अनावश्यक यात्रा से बचें और बहुत जरूरी होने पर ही मौसम एवं सड़क की स्थिति की जानकारी लेने के बाद यात्रा करें। उन्होंने पर्यटकों से भी अपील की कि मौसम की स्थिति को देखते हुए संवेदनशील एवं भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जाने से बचें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करें।

सलाह दी गई है कि भारी बारिश के दौरान नदी-नालों, गाड़-गदेरों, बरसाती धाराओं एवं जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास न जाएं और तेज बहाव में प्रवेश करने का प्रयास न करें। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका को देखते हुए संवेदनशील सड़कों एवं स्थानों पर विशेष सावधानी बरतें। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि बच्चों को नदी-नालों एवं अन्य जोखिम वाले स्थानों के आसपास न जाने दें।

सभी जिलाधिकारियों एवं संबंधित विभागों को 24×7 अलर्ट मोड पर रहते हुए संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। किसी भी संभावित आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू किए जा सकें, इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां पहले से दुरुस्त रखी जाएं। राहत एवं बचाव दल, आवश्यक उपकरण, जेसीबी एवं अन्य मशीनरी को रणनीतिक स्थानों पर तैयार रखने के साथ ही सभी संबंधित विभागों के बीच निरंतर समन्वय सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

शासन की ओर से विशेष रूप से नदी-नालों के जलस्तर, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, पर्वतीय मार्गों, चारधाम यात्रा मार्गों एवं प्रमुख पर्यटन स्थलों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मौसम की स्थिति को देखते हुए आवश्यकता पड़ने पर संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था भी पहले से सुनिश्चित रखी जाए।