31 मई से 04 जून तक आयोजित होगा अखण्ड महायज्ञ
श्रीनगर/देवालगढ़: माँ श्रीराजराजेश्वरी जी प्राचीन सिद्घपीठ देवलगढ़,पौड़ी गढ़वाल में आगामी 31 मई से 04 जून तक अखण्ड महायज्ञ की तैयारी जोरों पर है। सिद्घपीठ के मुख्य पुजारी पं० कुंजिकाप्रसाद उनियाल के सानिध्य में महायज्ञ आयोजन हेतु आचार्य पं०अनूप थपलियाल को संयोजक बनाया गया है।
प्रधान आचार्य पं० रवीन्द्र बहुगुणा,आचार्य पं०शक्तिप्रसाद उनियाल,आचार्य. अनूप थपलियाल,आचार्य विकास उनियाल,आचार्य जितेन्द्र डंगवाल,आचार्य मनीष डोभाल,आचार्य विजय उनियाल,आचार्य पं० नीरज नौटियाल,आचार्य पं०आशीष जुयाल,आचार्य पं०मोहित पाण्डेय व आचार्य पं० दीपक कोठियाल को महायज्ञ सुसम्पन्न कराने की जिम्मेदारी दी गई है।पुजारी शक्तिप्रसाद उनियाल के साथ रिषु गैरोला व प्रभात गैरोला महायज्ञ आयोजन की तैयारियों में जुटे हैं।
कार्यक्रम के अनुसार 31 मई प्रातः ग्राम भटोली स्थित श्री गौरा जी की नौ (कुंआ)से कलश शाोभा यात्रा देवलगढ़ के लिए प्रस्थान करेगी।कलश यात्रा के लिए महिला मंगल दल भटोली,मंदोली, देवलगढ़,अखाड़ा, मुण्डोली, कुमराणू से आग्रह किया गया है।
ध्वज कलश यात्रा के उपरान्त ध्वज पूजन श्री हनुमत,श्री बटुक भैरब,श्री नागराजा,श्री नरसिंह साथ श्रीराजराजेश्वरी, श्री माहिषमर्दनी वश्री बाला, त्रिपुर सुंदरी पूजन के साथ,अखण्ड महायज्ञ,,का शुभारम्भ किया जायेगा अखण्ड।पञ्चदिवसीय व पञ्चरात्रीय संचालित किए जाने वाला अखण्ड महायज्ञ आचार्यगणों के लिए भी अग्नि परीक्षा की घड़ी होगी क्योंकि रात्रि कालीन यज्ञ करना कठिन होता है।महायज्ञ मेंसम्मिलित होने के लिए बड़ी संख्या में दूर दूर से भक्तों का आगमन होने की संभावना है।
पेयजल की निरन्तर आपूर्ति के लिए जल संस्थान पौड़ी के अधिशाषी अभियन्ता ने श्रीनगर शाखा को फोन पर निर्देश दिए हैं।.
प्रत्येक दिन सनातन धर्म, स्वास्थ्य शिक्षा,इतिहास,शक्ति साधना आदि बिषय वस्तु पर बिशिष्ठ ब्यक्तियों को आमंत्रित किया गया है।प्रक्चन प्रायः दो से पांच बजे तक होंगे।31 मई (प्रथम दिवस )को श्री बदरीनाथ धाम के अवकाश प्राप्त धर्माधिकारी भुवनचन्द्र उनियाल जी सनातन धर्म ,द्वितीय दिवस 1जून को,मानस खण्ड और केदारखण्ड जैसे महत्वपूर्ण ग्रंथों की ग्रंथकार डाॅ० हेमा उनियाल जी उतराखण्ड के धार्मिक स्थलों का संक्षिप्त इतिहास व व दो बार लगातार ऐवरेस्ट विजेता पूर्व आई०पी०एस० रि० पुलिस कमिश्नर श्रीमती संतोष यादव विभिन्न खास विन्दुओं पर प्रकाश डालेंगी।
तृतीय दिवस 2 मई को उत्तराखण्ड की लोक गायिका डाॅ० रेखा धस्माना उनियाल जी द्वारा कीर्तन भजन गायन,चतुर्थ दिवस 3 मई को देवलगढ़ क्षैत्र के मूल निवासी आचार्य पं० बुद्धिबल्लभ बहुगुणा द्वारा सनातन संस्कृति व संस्कारों पर प्रबचन करेंगे। पञ्चम दिवस को प्रातः आठ बजे से बारह बजे तक आचार्य श्रुति सुन्द्रियाल जी महायज्ञ के पुण्य फल व आगामी महायज्ञ के विष्य में तथा आचार्य श्री महेशदत्त उनियाल जी सनातन धर्म के अन्तर्गत आदि शक्ति श्री राजराजेश्वरी उपासना साधना एवं पर प्रवचन करेंगे।
चार जून को अपराह्म एक बजे पूर्णाहुति व भण्डारा के साथ महायज्ञ सुसम्पन होगा।