
गौरादेवी का संघर्ष बना प्रकृति संरक्षण का वैश्विक प्रेरणास्रोत- ग्रीनमैन विजयपाल बघेल*
ऋषिकेश/देहरादून। 1 नवंबर l चिपको आंदोलन की प्रणेता एवं महान पर्यावरण संरक्षक माता गौरादेवी की 101वीं जन्म जयंती के अवसर पर भारतीय वृक्ष न्यास (Tree Trust of India) द्वारा सात मोड़ क्षेत्र में आयोजित भव्य ‘वृक्षांजलि समारोह’ श्रद्धा, उत्साह और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ सम्पन्न हुआ। समारोह का शुभारंभ अतिथियों एवं पर्यावरण प्रेमियों द्वारा पौधारोपण के साथ किया गया। सभी ने पौधे लगाकर उनके संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लिया।
इसके पश्चात माता गौरा देवी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके ऐतिहासिक चिपको आंदोलन, प्रकृति प्रेम और वन संरक्षण के अतुलनीय योगदान को नमन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी श्री जगदीश लाल पाहवा ने की तथा संचालन कार्यक्रम संयोजक श्री प्रमोद शर्मा ने किया। भारतीय वृक्ष न्यास के अध्यक्ष एवं हरितऋषि डॉ. विजयपाल बघेल (Green Man of India) के नेतृत्व में आयोजित इस समारोह में पर्यावरण संरक्षण, वृक्ष संवर्धन और जनजागरूकता से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं।
समारोह का विशेष आकर्षण पर्यावरण संरक्षण, वृक्ष संवर्धन एवं प्रकृति के प्रति समर्पित कार्य करने वाले 45 पर्यावरण प्रेमियों को ‘गौरादेवी वृक्ष प्रहरी सम्मान-2026’ प्रदान कर सम्मानित करना रहा। सम्मानित व्यक्तियों को माता गौरा देवी के पर्यावरण संरक्षण संबंधी विचारों को आगे बढ़ाने तथा समाज में हरित चेतना जागृत करने के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने माता गौरादेवी के जीवन, चिपको आंदोलन और वर्तमान पर्यावरणीय चुनौतियों पर अपने विचार रखे।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर वन क्षेत्राधिकारी बड़कोट गणेश उनियाल ने समारोह में उपस्थित सभी अतिथियों, पर्यावरण प्रेमियों, प्रतिभागियों एवं आयोजकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनसहभागिता को महत्वपूर्ण बताते हुए ऐसे प्रयासों को निरंतर आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।
समारोह में उपस्थित लोगों ने माता गौरा देवी के आदर्शों पर चलते हुए वनों, वृक्षों, नदियों और जैव विविधता के संरक्षण का संकल्प लिया। हरितऋषि डॉ. विजयपाल बघेल ने कहा कि भारतीय वृक्ष न्यास का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि प्रत्येक पौधे को वृक्ष बनने तक संरक्षित करना तथा समाज में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता विकसित करना है।
कार्यक्रम में नितिन मलिक, ओमिनी, शिल्पी, डॉ बलविंदर सिंह, माया अवस्थी आदि के साथ प्रकृति प्रेमी, सामाजिक कार्यकर्ता, युवा, छात्रसंघ के पदाधिकारी, वरिष्ठ नागरिक तथा वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी शामिल हुएl