मुख्यमंत्री का पिटारा सबसे भारी, अधिकांश मंत्रियों को पुराने दायित्व – Bhilangana Express

मुख्यमंत्री का पिटारा सबसे भारी, अधिकांश मंत्रियों को पुराने दायित्व

धन सिंह रावत के विभागों में बढ़ोतरी तो अधिकांश विभाग सीएम की झोली में

DEhradun: विभागों एवं दायित्व के बोझ में मुख्यमंत्री का पिटारा सबसे अधिक भारी है। कई विभाग मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने पास रखे हैं। परीक्षाओं की घड़ी को समाप्त करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मंगलवार देर रात अपने सभी मंत्रियों को मंत्रालयों व विभागों का बंटवारा कर दिया है। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के मंत्रालय में भी कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है। महाराज को लोनिवि, सिंचाई, पर्यटन, धर्मस्व, संस्कृति, जलागम प्रबंधन को बरकरार रखते हुए पंचायती राज व ग्रामीण निर्माण नए मंत्रालय दिए गए हैं।

कैबिनेट मंत्री डॉ. धनसिंह रावत का कद बढ़ा है। उन्हें प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा मंत्रालय दिए गए हैं। वह चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, सहकारिता, संस्कृत शिक्षा मंत्रालय भी देखेंगे।

कैबिनेट में शामिल किए गए मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल को वित्त मंत्रालय दिया गया है। वह शहरी विकास एवं आवास, विधायी एवं संसदीय कार्य, पुनर्गठन एवं जनगणना मंत्रालय भी देखेंगे।

सुबोध उनियाल के पास अब कृषि एवं उद्यान मंत्रालय नहीं होंगे, उन्हें इस बार वन, भाषा, निर्वाचन एवं तकनीकी शिक्षा मंत्रालय दिए गए हैं।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी सैनिक कल्याण व ग्राम्य विकास के साथ कृषि एवं उद्याग विभाग भी देखेंगे।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य का भी कद बढ़ाया गया है। वह महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास के अलावा खेल एवं युवा कल्याण तथा खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले का मंत्रालय देखेंगी।

मंत्रिमंडल में पहली बार शामिल हुए कैबिनेट मंत्री चंदन रामदास को समाज कल्याण, परिवहन एवं लघु एवं सूक्ष्म मध्यम उद्यम मंत्रालय दिए गए हैं। नए व युवा कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा को पशुपालन, दुग्धन विकास एवं मत्स्य पालन, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग, प्रोटोकाल व कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग दिए गए है।