राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच ने आयोजित किया सामाजिक समरसता एवं राष्ट्रीय सुरक्षा विषयक कार्यक्रम का आयोजन – Bhilangana Express

राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच ने आयोजित किया सामाजिक समरसता एवं राष्ट्रीय सुरक्षा विषयक कार्यक्रम का आयोजन

राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच द्वारा सिनोला, मालसी में सामाजिक समरसता एवं राष्ट्रीय सुरक्षा विषयक कार्यक्रम का आयोजन
राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच, उत्तराखंड द्वारा 22 मार्च 2026 सिनोला, मालसी, देहरादून, में ‘सामाजिक समरसता एवं सुरक्षा’ विषय पर एक जनजागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 75 विशेषज्ञों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ भारती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ से हुआ। मुख्य अतिथि श्री धनंजय सिंह जी (विभाग प्रचारक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) पुनित नंदा (महामंत्री राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच) रहे। संचालिका श्रीमती अनीता शास्त्री जी ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।
कार्यक्रम की शुरुआत में प्रो. मनदीप कुमार अरोड़ा ने ‘सामाजिक समरसता और सुरक्षा’विषयक कार्यक्रम की रूपरेखा पर प्रकाश डाला।
सैनिक शिरोमणि मनोज ध्यानी जी, अध्यक्ष, FANS Uttarakhand ने आंतरिक सुरक्षा और सामाजिक समरसता पर गहन विचार व्यक्त करते हुए तीन आर (3R) के संकल्पना पर चर्चा की: रेडिकलाइजेशन (Radicalization): युवाओं में उग्रवादी विचारधारा को बढ़ावा देने वाली प्रवृत्तियों पर रोक लगाने की आवश्यकता, रेड कॉरिडोर (Red Corridor): वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों में शांति और विकास की चुनौतियाँ, एस्टीम रीजनलाइजेशन (Esteem Regionalization): क्षेत्रीय अस्मिता का सम्मान करते हुए राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने की आवश्यकता।
श्री ध्यानी ने कहा कि समाज में फैली भ्रांतियों और असमानता को दूर करके ही हम एक सुरक्षित भविष्य का निर्माण कर सकते हैं।
पद्म श्री कमांडेंट कन्हैया लाल जी (सेवानिवृत्त) ने अर्धसैनिक बलों के अनुशासन और सुरक्षा मुद्दों में उनकी भूमिका पर अपने व्यक्तिगत अनुभवों के आधार पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने इन्हीं सिद्धांतों को प्रत्येक व्यक्ति के व्यक्तिगत जीवन में लागू करने पर विशेष बल दिया।
विंग कमांडर रोहित कादियान जी (सेवानिवृत्त) ने सीमांत सुरक्षा एवं सामाजिक समरसता में व्यक्ति की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बाह्य सुरक्षा के संदर्भ में हमारा रक्षा तंत्र सभी प्रकार से आत्मनिर्भर है। भारतीय सेना, वायुसेना एवं नौसेना किसी भी बाहरी आक्रमण का मुंहतोड़ जवाब देने में पूर्णतया सक्षम हैं। तथापि, उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि आंतरिक सुरक्षा के क्षेत्र में अधिक ध्यान देने एवं सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है। सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करके ही आंतरिक सुरक्षा की चुनौतियों का समाधान संभव है।
कार्यक्रम का सर्वाधिक प्रतीक्षित एवं मार्गदर्शक सत्र धनंजय सिंह (विभाग प्रचारक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) का संबोधन रहा। उन्होंने ‘राष्ट्र’ की गहन एवं व्यापक अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए ‘नेशन बनाम राष्ट्र’ की भ्रामक धारणा पर अपने अभिभाषण को केंद्रित किया।
श्री धनंजय सिंह ने अपने संबोधन में कहा: “राष्ट्र का तात्पर्य केवल भूभाग, शासन व्यवस्था या सीमाओं से नहीं है, अपितु राष्ट्र हमारी सनातन संस्कृति, सभ्यता, परंपराओं, आस्थाओं एवं कर्तव्यों का सजीव स्वरूप है। ‘राष्ट्र’ शब्द का सार यह है कि यह हमारी पहचान है, जिसके प्रति हमारी सर्वोपरि जिम्मेदारी है।” उन्होंने विस्तार से प्रतिपादित किया कि राष्ट्र का मूल अर्थ भारत के प्रति प्रत्येक व्यक्ति की कर्तव्यनिष्ठा एवं जिम्मेदारी (राष्ट्रधर्म) है। उन्होंने स्पष्ट किया: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ तो राष्ट्र के प्रति समर्पित स्वयंसेवकों की संस्था है, जो सदैव ‘राष्ट्र प्रथम’ के अटल सिद्धांत पर कार्यरत है। सामाजिक समरसता के लिए विविधता में एकता का मूल मंत्र सनातन में निहित है। यही भारत की विशेषता है और यही हमारी सुरक्षा का आधार है।
उन्होंने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को सामाजिक समरसता एवं राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति अपनी सक्रिय, निरंतर एवं समर्पित भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। उनका कहना था कि जब तक समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुरक्षा, समरसता एवं विकास की पहुँच नहीं होती, तब तक राष्ट्र पूर्णतः सुरक्षित एवं सशक्त नहीं माना जा सकता।
इस गोष्ठी में श्री पुनीत नंदा (महासचिव, FANS, यूके), श्री आशीष कालरा (कोषाध्यक्ष, FANS, यूके), श्री जगदीश लखेरा, श्री प्रशांत उपाध्याय दीपक वाधवा आलोक गोयल सहित बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
अंत में प्रतिभागियों द्वारा प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में सभी प्रतिभागियों के बीच श्रीमद्भगवद्गीता का वितरण किया गया।
अंत में श्री बलवंत सिंह नेगी जी ने सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
कार्यक्रम के समापन पर संगठनात्मक घोषणाएँ की गईं। डॉ. प्रवीण कुमार को राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच का आईटी सचिव एवं श्रीमती अनीता शास्त्री को मीडिया प्रभारी नियुक्त किया गया। साथ ही, संगठन में तीन नए सदस्यों – सुश्री भूमिका यादव एवं श्री राजीव वैद डॉ॰मनदीप अरोरा – का औपचारिक रूप से समावेश किया गया।