
*उत्तराखण्ड STF साइबर क्राइम का शिकंजा अब जम्मू-कश्मीर तक -की बड़ी कार्रवाई — श्रीनगर (बडगाम) से साइबर ठगी करने वाले दो शातिर अभियुक्त गिरफ्तार डिजिटल अरेस्ट और बैंक खातों के जरिए देशभर में ठगी करने वाला संगठित गिरोह बेनकाब, कई राज्यों में दर्ज शिकायतों के बाद पुलिस ने चलाया विशेष ऑपरेशन
• गिरफ्तारी के दौरान स्थानीय भीड़ द्वारा थाना से न्यायालय तक दबाव बनाने का प्रयास, चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में टीम ने सफल कार्रवाई की।
• संवेदनशील क्षेत्र व पूर्व ग्रेनेड हमलों के बावजूद उत्तराखण्ड STF साइबर क्राइम ने प्रभावी पैरवी कर अभियुक्तों का रिमांड प्राप्त किया।
• बडगाम से 03 मोबाइल फोन, कई एटीएम कार्ड, आधार-पैन सहित महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद संदिग्ध ट्रांजेक्शन, कई राज्यों में फैली ठगी का खुलासा ।
• देश के 07 राज्यों में दर्ज शिकायतों से संगठित साइबर ठगी नेटवर्क का हुआ पर्दाफाश ।
• डिजिटल अरेस्ट व बैंक खातों के जरिए देशभर में ठगी करने वाले गिरोह पर उत्तराखण्ड पुलिस का बड़ा प्रहार
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ, श्री अजय सिंह द्वारा जानकारी दी गई कि एक प्रकरण देहरादून निवासी 71 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक द्वारा साइबर ठगी के संबंध में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, देहरादून में शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायतकर्ता ने बताया कि दिनांक 21 नवम्बर 2025 को अज्ञात व्यक्तियों द्वारा उनके मोबाइल पर कॉल कर स्वयं को टेलीकम्युनिकेशन विभाग का अधिकारी बताया गया तथा उनके विरुद्ध दिल्ली पुलिस में धोखाधड़ी का मामला दर्ज होने की जानकारी देकर भयभीत किया गया।अभियुक्तों द्वारा शिकायतकर्ता को अन्य मोबाइल नंबर पर संपर्क करने हेतु कहा गया, जहां स्वयं को सीबीआई/दिल्ली पुलिस अधिकारी बताते हुए उनके नाम से दिल्ली स्थित बैंक खाते के माध्यम से मनी लॉन्ड्रिंग होने की झूठी जानकारी दी गई। इसके बाद व्हाट्सएप वीडियो कॉल के माध्यम से पुलिस अधिकारी की वर्दी में फर्जी दस्तावेज एवं गैर-जमानती वारंट दिखाकर शिकायतकर्ता को डराया गया तथा बैंक खातों के सत्यापन के नाम पर धनराशि विभिन्न खातों करीब 65,00,000/- की धनराशि में स्थानांतरित कराई गई।कुछ समय पश्चात शिकायतकर्ता को स्वयं के साथ साइबर ठगी होने का आभास हुआ, जिस पर शिकायतकर्ता द्वारा शिकायत दर्ज करायी गयी।
विवेचना करते हुवे प्राप्त डेटा के विश्लेषण से जानकारी मे आया कि साईबर अपराध अभियुक्त को चिन्ह्ति करते हुये शौकत हुसैन मलिक पुत्र अली मोहम्मद मलिक निवासी पारिसाबाद थाना बड़गाम, जिला बड़गाम, थाना- बड़गाम, जम्बूकश्मीर, बिलाल अहमद पुत्र अली मौहम्मद मल्ला निवासी ग्राम करीपोरा, थाना बड़गाम, जिला बडगाम, जम्मू एण्ड कश्मीर के रूप में की गई जो फर्जी व्हाट्सएप प्रोफाइल षड्यंत्रपूर्वक बैंक खाते उपलब्ध कराकर संगठित तरीके से साइबर धोखाधड़ी को अंजाम दिया जा रहा था।
इसी क्रम में गिरफ्तारी के दौरान साइबर क्राइम पुलिस टीम को स्थानीय स्तर पर विषम परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। गिरफ्तारी के उपरांत स्थानीय व्यक्तियों द्वारा बड़ी संख्या में थाना परिसर से लेकर न्यायालय परिसर तक एकत्र होकर पुलिस टीम पर दबाव बनाने का प्रयास किया गया। टीम द्वारा न्यायालय में विवेचक द्वारा प्रभावी ढंग से पक्ष प्रस्तुत किया गया, जिसके परिणामस्वरूप अभियुक्तों का पुलिस रिमांड प्राप्त किया गया।
उल्लेखनीय है कि पूर्व में भी उक्त क्षेत्र के स्थानीय थाने पर ग्रेनेड से हमले की घटनाएं हो चुकी हैं, जिसके दृष्टिगत अभियान अत्यंत संवेदनशील परिस्थितियों में सफलतापूर्वक संपन्न किया गया ।
अज्ञात साइबर ठगों द्वारा बैंक खाते उपलब्ध कराकर संगठित तरीके से साइबर धोखाधड़ी को अंजाम दिया जा रहा था। विवेचना के दौरान बैंक खाते संख्या एवं उससे लिंक मोबाइल नंबर के माध्यम से संदिग्ध लेन-देन की जानकारी प्राप्त हुई। तकनीकी विश्लेषण में पाया गया कि अभियुक्त फर्जी बैंक खातों, मोबाइल सिम एवं एटीएम कार्ड का उपयोग कर साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि को विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर निकालते थे।
अभियुक्तों द्वारा अलग-अलग राज्यों में साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि को उक्त खातों में जमा कर एटीएम कार्ड एवं मोबाइल फोन के माध्यम से निकासी की जाती थी। जांच में यह भी पाया गया कि संबंधित बैंक खाते के विरुद्ध उत्तराखण्ड सहित देश के 07 राज्यों में शिकायतें दर्ज हैं।इस प्रकार अभियुक्त संगठित गिरोह बनाकर डिजिटल अरेस्ट एवं अन्य साइबर अपराधों के माध्यम से देशभर में लोगों को ठगी का शिकार बना रहे थे।
प्रारम्भिक पूछताछ में अभियुक्त ने साईबर अपराध हेतु जिस बैंक खातों का प्रयोग किया गया है उसमें मात्र कुछ माह में ही लाखों रूपयों का लेन-देन होना प्रकाश में आया है ।जांच में यह भी पाया गया कि संबंधित बैंक खाते के विरुद्ध उत्तराखण्ड सहित देश के *07 राज्यों* में शिकायतें दर्ज हैं । जिसके सम्बन्ध में जानकारी हेतु अन्य राज्यों की पुलिस के साथ संपर्क किया जा रहा है ।