
वीर माधो सिंह भण्डारी उत्तराखण्ड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, देहरादून के परिसर संस्थान महिला प्रौद्योगिकी संस्थान, देहरादून में विज्ञानं भारती (विभा) एवं प्रज्ञा प्रवाह के सयुक्त तत्वाधान में विश्व पर्यावरण दिवस का आयोजन वृक्षारोपण एवं वैज्ञानिक व्याख्यान के माध्यम से किया गया।
सर्वप्रथम परिसर में वृक्षारोपण संस्थान निदेशक, सभी अतिथियों एवं शिक्षकों के माध्यम से किया गया। तदोपरान्त सभागार में राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान व दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुवात की गयी। कार्यक्रम में विशेष उपस्तिथि डॉ. हेमवती नन्दन, प्रोफेसर हेमवती नन्दन बहुगुणा विश्वविद्यालय, श्रीनगर, डॉ. संतोष कुमार राय , वैज्ञानिक- एफ, वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी, देहरादून, डॉ. गौतम रावत, वैज्ञानिक- ई , वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी, देहरादून, डॉ. के. डी. पुरोहित, पूर्व प्रोफेसर हेमवती नन्दन बहुगुणा विश्वविद्यालय एवं अध्यक्ष विभा, डॉ.आशीष बगवारी, डीन, रिसर्च एवं अकादमिक, डॉ. विशाल रमोला, फैकल्टी समन्वयक, फैकल्टी ऑफ़ टेक्नोलॉजी, कार्यक्रम संयोजक श्री के. सी. मिश्रा, श्री अंशु सिंह आदि उपस्थित रहे।
स्वागत उद्बोधन डॉ. विशाल रमोला, फैकल्टी समन्वयक, फैकल्टी ऑफ़ टेक्नोलॉजी द्वारा प्रस्तुत किया गया। तदोपरान्त प्रथम वक्ता डॉ. गौतम रावत, वैज्ञानिक- ई , वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी, देहरादून द्वारा छात्र-छात्रों को पर्यावरण के प्रति जागरूक एवं सवेदनशील होने की भावनाओ को भारतीय ज्ञान से जोड़ा। इस क्रम में डॉ. संतोष कुमार राय , वैज्ञानिक- एफ, वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी, देहरादून ने अपने उद्बोधन में छात्र-छात्रों को पर्यावरण के वास्तविक तंत्र एवं प्रणाली से अवगत करवाया।
डॉ. के. डी. पुरोहित, पूर्व प्रोफेसर हेमवती नन्दन बहुगुणा विश्वविद्यालय एवं अध्यक्ष विभा द्वारा सभी को अपने जीवन के प्राप्त अनुभवों के आधार पर पर्यावरण संरक्षण एवं पर्यावरण के दोहन से उत्पन्न हो रहे विकारो के बार में बताया। अंत में डॉ.आशीष बगवारी, डीन, रिसर्च एवं अकादमिक में धन्यवाद ज्ञापन देते हुए पर्यवरण की रक्षा के वास्तविक जीवन के उदहारण के माध्यम से सभी को जागरूक किया। कार्यक्रम का संचालन सुश्री अदिति सिंह ने किया।