एक गोली से अजय बावरिया के आतंक का खात्मा

हाईवे पर वाहनों से लूटपाट करने का लंबा रिकॉर्ड
वारदात के दौरान हत्याओं से भी परहेज नहीं

Noida: जिन सड़कों पर वह दुर्दांत बदमाश हथियारों की नोक पर सड़क पर चलने वाले वाहन चालकों को लूटा करता था आज उसी सड़क पर उसकी लाश पड़ी हुई थी। वक्त कब कैसी करवट लेता है कोई नहीं जानता। फिर चाहे वह कोई भी व्यक्ति किसी भी क्षेत्र से क्यों ना जुड़ा हुआ हो। हर अपराधी का अंत बुरा ही होता है और इसका एक और उदाहरण उत्तर प्रदेश पुलिस ने पेश किया है। रोड होल्ड अप की घटनाओं को अंजाम देने वाले कुख्यात दो लाख के इनामी बदमाश बावरिया अजय कालिया को नोएडा में पुलिस टीम ने मार गिराया है।
अजय बावरिया पर मथुरा से एक लाख, अलीगढ़ और पलवल से 50-50 हजार और बदायूं जिले से 25 हजार रुपए का इनाम घोषित था। यह मुठभेड़ नोएडा के सेक्टर-20 इलाके में हुई है। अजय का एक साथी फरार हो गया, उसकी तलाश जारी है।
बावरिया के अपराधों की कहानी बहुत लंबी है। लूट के दौरान वह किसी भी हद तक जाने से पीछे नहीं हटता था यहां तक कि दिल्ली में लूट के एक मामले में उसने पीड़ित के बच्चे के साथ कुकर्म करने से भी गुरेज नहीं किया था। में यमुना एक्सप्रेस-वे पर वाहन सवारों से लूट हुई थी। बदमाशों ने आगरा के सदर बाजार निवासी विक्रम गुप्ता व कानपुर के प्रतीक शुक्ला को लूटा था। एक आईएएस अधिकारी से भी लूट का प्रयास किया था। नोएडा एसटीएफ यूनिट ने 25 जुलाई 2020 को बावरिया गिरोह के दिनेश उर्फ दिन्नू उर्फ कमाल को धर दबोचा था। जबकि अजय कालिया, अनिल व रामू फरार हो गए थे। मथुरा पुलिस ने इसी मामले में अजय कालिया पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। अजय कालिया बावरिया गैंग चलाता था। यह गैंग हाईवे पर निकलने वाले वाहनों को निशाना बनाता है।
अजय बावरिया का मारा जाना उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। अजय बावरिया के खात्मे के साथ ही अपराध के एक बड़े नाम का भी खात्मा हो चुका है।

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